बदायूँ में विश्व स्कार्फ दिवस पर स्काउट-गाइडों का सम्मान, सेवा और राष्ट्र निर्माण का लिया संकल्प
बदायूं। भारत स्काउट और गाइड उत्तर प्रदेश संस्था के तत्वावधान में स्काउट भवन प्रशिक्षण केंद्र पर विश्व स्कार्फ दिवस उत्साह और गरिमामय वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर जिले के स्काउट-गाइड, स्काउट मास्टर एवं गाइड कैप्टनों को उनके सराहनीय कार्यों के लिए स्कार्फ पहनाकर तथा सम्मान चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ स्काउट संस्था के प्रादेशिक वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं जिला मुख्यायुक्त महेश चंद्र सक्सेना ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने कहा कि स्काउटिंग के संस्थापक लॉर्ड बेडेन पॉवेल ने विश्व को स्काउटिंग जैसा अनुशासित और सेवा-भाव से परिपूर्ण आंदोलन दिया। स्काउटिंग युवाओं में देशभक्ति, अनुशासन, सेवा और मानवता की भावना विकसित करती है। उन्होंने कहा कि स्कार्फ केवल वर्दी का हिस्सा नहीं, बल्कि सेवा, साहस, भाईचारे और मानवता के प्रति समर्पण का जीवंत प्रतीक है, जो विश्वभर के स्काउटिंग आंदोलन को एकता के सूत्र में बांधता है।
उन्होंने बताया कि स्कार्फ हमें प्रतिदिन अपनी प्रतिज्ञा, नियमों और कर्तव्यों का स्मरण कराता है। आपदा, दुर्घटना अथवा आवश्यकता की घड़ी में यही स्कार्फ प्राथमिक उपचार, पट्टी, स्लिंग, रस्सी और संकेत देने जैसे अनेक कार्यों में उपयोगी सिद्ध होता है।
जिला संगठन कमिश्नर मुहम्मद असरार ने कहा कि स्कार्फ केवल स्काउट वर्दी की शोभा नहीं बढ़ाता, बल्कि सेवा कार्यों के लिए भी प्रेरित करता है। उन्होंने सभी स्काउट-गाइडों से अनुशासित, सेवाभावी और राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पित रहने का आह्वान किया।
पूर्व जिला ट्रेनिंग कमिश्नर संजीव कुमार शर्मा ने कहा कि स्कार्फ विश्वभर के स्काउटिंग आंदोलन की एकता का प्रतीक है। यह सेवा, साहस, भाईचारे और मानवता के मूल्यों का संदेश देता है तथा कठिन परिस्थितियों में बहुउपयोगी साबित होता है।
इस अवसर पर स्काउट मास्टर मुकेश बाबू शर्मा को उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में नंदराम शाक्य, निखिल चौहान सहित अनेक स्काउट-गाइड, पदाधिकारी एवं प्रशिक्षक उपस्थित रहे।















































































