गुरु पूर्णिमा पर बदायूं में बड़ा हादसा: हवन-कीर्तन के दौरान पीपल की विशाल शाखा टूटकर गिरने से दो महिलाओं की मौत, चार महिलाएं व एक किशोरी घायल
बदायूं। जनपद के थाना कुवंरगांव क्षेत्र के ग्राम ललेई स्थित प्राचीन गमा देवी मंदिर परिसर में गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित हवन, पूजन और भजन-कीर्तन के दौरान बुधवार को दर्दनाक हादसा हो गया। मंदिर परिसर में पीपल के पेड़ के नीचे बड़ी संख्या में महिलाएं ढोलक-मंजीरे के साथ भजन-कीर्तन कर रही थीं। इसी दौरान पेड़ की एक विशाल शाखा, जिस पर बंदर उछल-कूद कर रहे थे, अचानक टूटकर नीचे गिर गई। शाखा गिरते ही वहां मौजूद महिलाओं में अफरा-तफरी मच गई और चारों ओर चीख-पुकार गूंज उठी।
हादसे में ऊषा देवी (40) पत्नी रामौतार, अमीर वानो (40) पत्नी तसब्बर, श्यामा देवी (55) पत्नी भूपाल, हरी देवी (42) पत्नी मोहनलाल, रामलली (55) पत्नी रामचंद्र तथा निराली (14) पुत्री ओमवीर, सभी निवासी ग्राम ललेई, शाखा के नीचे दब गईं। ग्रामीणों ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर सभी घायलों को बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी।घटना में ऊषा देवी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल सभी को उपचार के लिए जिला अस्पताल बदायूं भेजा गया। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने अमीर वानो को भी मृत घोषित कर दिया। शेष चार महिलाओं और किशोरी का उपचार जारी है।घटना की सूचना मिलते ही थाना कुवंरगांव पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने दोनों मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक जानकारी जुटाई।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि गमा देवी मंदिर में प्रत्येक वर्ष गुरु पूर्णिमा के अवसर पर हवन एवं धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिनमें बड़ी संख्या में ग्रामीण श्रद्धालु शामिल होते हैं। हादसे के समय भी महिलाएं पीपल के पेड़ के नीचे बैठकर भजन-कीर्तन कर रही थीं। इसी बीच बंदरों की उछल-कूद के कारण पेड़ की भारी शाखा टूटकर नीचे आ गिरी और यह दर्दनाक हादसा हो गया।घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने बताया कि मौके पर शांति व्यवस्था कायम है तथा मामले में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।















































































