बदायूं के रामा अस्पताल में डॉक्टर पर हमले का प्रयास, तोड़फोड़, दो कर्मचारी घायल, पांच नामजद समेत कई के खिलाफ एफआईआर
बदायूं। शहर के इन्द्रा चौक स्थित रामा अस्पताल में किडनी की पथरी के ऑपरेशन के शुल्क को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। अस्पताल संचालक एवं सर्जन डॉ. अनमोल राज गुप्ता ने आरोप लगाया है कि मरीज पक्ष ने पहले ऑपरेशन के खर्च को लेकर विवाद किया और बाद में साथियों के साथ अस्पताल में घुसकर डॉक्टर, स्टाफ के साथ मारपीट, तोड़फोड़ तथा जान से मारने की धमकी दी। मामले में थाना सिविल लाइन पुलिस ने पांच नामजद समेत अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।डॉ. अनमोल राज गुप्ता द्वारा पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार 25 जुलाई की सुबह करीब 11 बजे देव पाठक अपने पिता मुकेश कुमार पाठक, परिजनों तथा अन्य लोगों के साथ किडनी की पथरी के उपचार के लिए अस्पताल पहुंचे थे। आवश्यक जांच कराने के बाद दोपहर करीब डेढ़ बजे दोबारा अस्पताल आकर ऑपरेशन की बात की गई। डॉक्टर के अनुसार उन्होंने ऑपरेशन का न्यूनतम खर्च बताया और पूरी प्रक्रिया समझाई। इस पर मरीज पक्ष ने शुल्क कम करने का दबाव बनाया। डॉक्टर का कहना है कि जब उन्होंने कहा कि यदि कहीं कम खर्च में ऑपरेशन संभव हो तो वहां उपचार करा लें, तभी विवाद शुरू हो गया।तहरीर में आरोप लगाया गया है कि देव पाठक गाली-गलौज करते हुए डॉक्टर की ओर मारपीट करने के इरादे से बढ़ा, जिसे अस्पताल के कर्मचारियों ने रोक लिया।

इसके कुछ ही देर बाद देव पाठक, मुकेश कुमार पाठक, चंदन, राहुल तथा चार-पांच अन्य लोगों के साथ दोबारा अस्पताल पहुंचा और सभी ने मिलकर डॉक्टर व अस्पताल कर्मचारियों के साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि हमलावरों ने अस्पताल का फर्नीचर, चिकित्सा उपकरण और अन्य सामान फेंककर तोड़फोड़ की, जिससे अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों में अफरा-तफरी मच गई तथा चिकित्सीय कार्य पूरी तरह बाधित हो गया।डॉक्टर का आरोप है कि अस्पताल के कर्मचारियों और अन्य लोगों ने किसी तरह हमलावरों को बाहर निकाला, लेकिन जाते-जाते उन्होंने डॉक्टर को जान से मारने और अस्पताल में आग लगाने की धमकी भी दी। घटना के दौरान डॉक्टर की पत्नी और अस्पताल स्टाफ ने कईबार डायल-112 पर सूचना दी। पुलिस के पहुंचने से पहले आरोपी मौके से फरार हो गए।डॉ. गुप्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि पूरी घटना अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद है, जिसकी फुटेज पुलिस को उपलब्ध कराई जा चुकी है। इसके अलावा घायल कर्मचारियों का मेडिकल परीक्षण भी कराया जा चुका है। डॉक्टर का यह भी कहना है कि घटना के बाद मरीज पक्ष द्वारा अस्पताल की छवि खराब करने के उद्देश्य से सोशल मीडिया पर भ्रामक वीडियो प्रसारित किए गए।थाना सिविल लाइन पुलिस ने डॉक्टर की तहरीर के आधार पर देव पाठक, मुकेश कुमार पाठक, चंदन, राहुल सहित अन्य अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध बलवा, मारपीट, अस्पताल में तोड़फोड़, चिकित्सीय कार्य में बाधा, धमकी एवं अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज, मेडिकल रिपोर्ट तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी।















































































