बरेली। फील्ड एक्सपोजर कार्यक्रम के तहत 21 आईएएस प्रशिक्षु अधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने बरेली कैंटोनमेंट बोर्ड का दौरा कर नवाचार आधारित प्रशासन, पर्यावरणीय स्थिरता और नागरिक-केंद्रित शहरी प्रबंधन की कार्यप्रणाली का अध्ययन किया। इंटरैक्टिव सत्र में कैंटोनमेंट बोर्ड की मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ. तनु जैन ने बरेली कैंटोनमेंट को देश का पहला कार्बन-नेगेटिव कैंटोनमेंट बनाने की पहल, उसकी योजना और क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारी दी। प्रशिक्षु अधिकारियों को जलवायु-अनुकूल शहरी प्रशासन, वनीकरण, जैव विविधता संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन, नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग, कार्बन उत्सर्जन में कमी, पारदर्शी एवं डिजिटल प्रशासन, नागरिक सहभागिता और सेवा वितरण से जुड़े नवाचारों से अवगत कराया गया। इसके अलावा आर.एन. टैगोर स्कूल में स्मार्ट क्लास, डिजिटल शिक्षा, नारी स्किल सेंटर के माध्यम से महिला सशक्तिकरण, सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं तथा ऐतिहासिक धोपेश्वर नाथ मंदिर क्षेत्र के संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण की जानकारी भी साझा की गई। बाद में आईएएस प्रशिक्षु अधिकारियों ने आर.एन. टैगोर स्कूल, नारी स्किल सेंटर, स्वास्थ्य सुविधाओं और धोपेश्वर नाथ मंदिर का भ्रमण कर इन परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया तथा संबंधित अधिकारियों और हितधारकों से संवाद किया। प्रतिनिधिमंडल ने बरेली कैंटोनमेंट बोर्ड के नवाचारपूर्ण और सतत विकास आधारित प्रशासनिक मॉडल की सराहना करते हुए इसे अन्य क्षेत्रों के लिए भी अनुकरणीय बताया। उन्होंने कहा कि यह मॉडल भविष्य के प्रशासनिक अधिकारियों के लिए प्रभावी, समावेशी और पर्यावरण-अनुकूल शासन का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है।