बरेली। दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन से पहले बरेली पुलिस ने एहतियाती कार्रवाई करते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व शिक्षक विधायक प्रत्याशी डॉ. मेहंदी हसन को उनके आवास पर नज़रबंद (हाउस अरेस्ट) कर दिया। पुलिस को आशंका थी कि वह आंदोलन में शामिल होने के लिए दिल्ली रवाना हो सकते हैं। बताया गया कि सूचना मिलने के बाद देर रात पुलिस बल उनके घर पहुंचा और उन्हें बाहर जाने से रोक दिया। इस दौरान डॉ. मेहंदी हसन ने अधिकारियों से कहा कि उनका उद्देश्य छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलन में शामिल होना है, लेकिन पुलिस ने उन्हें घर से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी। पुलिस की एक टीम पूरी रात उनके आवास के बाहर तैनात रही। सुबह डॉ. मेहंदी हसन अपनी नियमित ड्यूटी के लिए एफ.आर. इस्लामिया इंटर कॉलेज पहुंचे, जिसके बाद पुलिस बल वहां से हट गया। इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए डॉ. मेहंदी हसन ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की जायज मांगों और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने के अधिकार को दबाने का प्रयास कर रही है। वहीं, स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस की इस कार्रवाई को तानाशाही बताते हुए विरोध जताया।