कचहरी में चैंबर को लेकर दो अधिवक्ताओं में विवाद, ब्लेड से हमले का आरोप; दोनों पक्षों ने दी तहरीर
बरेली। कचहरी परिसर में चैंबर नंबर-26 को लेकर दो अधिवक्ताओं के बीच विवाद हिंसक रूप लेता नजर आया। एक पक्ष ने ब्लेड से हमला, मारपीट, लूट और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है, जबकि दूसरे पक्ष ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए शिकायतकर्ता पर स्वयं को ब्लेड मारकर झूठा मुकदमा दर्ज कराने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। दोनों पक्षों ने थाना कोतवाली में तहरीर दी है। घायल अधिवक्ता का मेडिकल भी कराया गया है और पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
बरेली कचहरी स्थित रविन्द्र भारती गेट के सामने बने चैंबर नंबर-26 को लेकर अधिवक्ता मेराज अहमद और अधिवक्ता मोहम्मद अशरफ अली खान आमने-सामने आ गए। दोनों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाते हुए थाना कोतवाली में अलग-अलग तहरीर दी है।
अधिवक्ता मेराज अहमद का कहना है कि वह वर्ष 1994 से पंजीकृत अधिवक्ता हैं और वर्ष 2005 में उन्होंने यह चैंबर अधिवक्ता आशीष पाराशरी से लिया था, जिसके दस्तावेज उनके पास मौजूद हैं। उनका आरोप है कि अशरफ अली खान पहले उनके जूनियर के रूप में विधिक कार्य सीखते थे। मेराज अहमद के अनुसार, जब वह हज यात्रा पर गए थे, तब उन्होंने चैंबर और मुकदमों की फाइलों की देखभाल की जिम्मेदारी अशरफ को सौंपी थी। आरोप है कि इसी दौरान उनके नाम का बोर्ड हटा दिया गया, फाइलें और अन्य सामान गायब कर दिया गया तथा चैंबर पर कब्जा करने का प्रयास किया गया।
मेराज अहमद का आरोप है कि सोमवार को जब उन्होंने इस संबंध में विरोध किया तो अशरफ अली खान ने उनके साथ गाली-गलौज की, मारपीट की और पेपर कटर ब्लेड से कई वार किए। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के दौरान उनके पास रखी नकदी और डायरी भी छीन ली गई तथा मोबाइल छीनने का प्रयास किया गया। उनका यह भी कहना है कि कुछ अन्य लोगों को बुलाकर उनके साथ मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी दी गई। उन्होंने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
वहीं, अधिवक्ता मोहम्मद अशरफ अली खान ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि वर्ष 2010 से वह उक्त चैंबर में नियमित रूप से बैठकर वकालत कर रहे हैं। उनके अनुसार, मेराज अहमद सरकारी शिक्षक बनने के बाद चैंबर छोड़ चुके थे और वर्ष 2010 में उन्होंने 50 हजार रुपये लेकर चैंबर का कब्जा उन्हें दे दिया था, जिसका लिखित प्रमाण उनके पास मौजूद है।
अशरफ अली खान का आरोप है कि सोमवार को मेराज अहमद उनके चैंबर में आए, गाली-गलौज की और वहां रखी फाइलें फेंकने लगे। उन्होंने दावा किया कि घटना के समय कई अधिवक्ता और बार एसोसिएशन के पदाधिकारी मौके पर मौजूद थे। उनका कहना है कि मेराज अहमद ने स्वयं अपनी जेब से ब्लेड निकालकर खुद को चोट पहुंचाई और झूठा मुकदमा दर्ज कराने की बात कही। उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है।
घटना में मेराज अहमद को चोटें आई हैं और उनका मेडिकल कराया गया है। दोनों पक्षों की ओर से थाना कोतवाली में तहरीर दी गई है। पुलिस का कहना है कि दोनों शिकायतों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच की जा रही है तथा जांच के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।















































































