बरेली के विकास पर उठाए गंभीर सवाल, भाजपा सरकार और प्रशासन से मांगा जवाब : मयंक शुक्ला
बरेली। समाजवादी पार्टी के पूर्व प्रवक्ता एवं सामाजिक कार्यकर्ता मयंक शुक्ला ने बरेली शहर के विकास कार्यों पर गंभीर सवाल उठाते हुए भाजपा सरकार, जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन से जवाब मांगा है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी के नाम पर हजारों करोड़ रुपये खर्च किए गए, लेकिन शहर की जनता आज भी टूटी सड़कों, जाम, अधूरी परियोजनाओं, बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं और प्रशासनिक लापरवाही से जूझ रही है।मयंक शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा उद्घाटन की गई कई परियोजनाएं वर्षों बाद भी जनता को समर्पित नहीं हो सकी हैं। स्काईवॉक, संजय कम्युनिटी हॉल परिसर का अमृत सरोवर तथा रेलवे स्टेशन के पास नगर निगम का निर्मित कॉम्प्लेक्स आज भी उपयोग में नहीं आ सके हैं। उन्होंने इन परियोजनाओं पर हुए करोड़ों रुपये के खर्च की जवाबदेही तय करने की मांग की।
उन्होंने आरोप लगाया कि काष्ठकला केंद्र की निर्माणाधीन परियोजना को पहले बनाया गया, फिर तोड़ा गया और दोबारा निर्माण कराया जा रहा है, जिससे पूरी परियोजना की पारदर्शिता पर सवाल खड़े होते हैं। इसकी उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांचये कराए जाने की मांग भी की।सीएम ग्रिड योजना के तहत दीनदयालपुरम क्षेत्र के विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि तय समय सीमा बीत जाने के बावजूद सड़कें टूटी हैं, पार्किंग व्यवस्था बदहाल है और पूरा क्षेत्र अव्यवस्थित पड़ा है। सपा नेता मयंक शुक्ला ने कहा कि बरेली में एयर क्वालिटी इंडेक्स लगातार खराब हो रहा है, एम्स की स्थापना की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई, क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल भूमि उपलब्ध न होने के कारण लखनऊ स्थानांतरित हो गया, 300 बेड अस्पताल पूरी क्षमता से संचालित नहीं हो रहा, 100 बेड यूनानी अस्पताल भी पूरी तरह जनता को समर्पित नहीं किया गया है। उन्होंने डेलापीर में गौवंश की दुर्दशा, खुले मेनहोल, सुभाषनगर पुलिया की उपेक्षा, स्मार्ट मीटर, ट्रैफिक सिग्नलों की निष्प्रभाविता, आईटी पार्क के लंबित निर्माण तथा महंगी कॉपी-किताबों और ड्रेस के नाम पर अभिभावकों के आर्थिक शोषण जैसे मुद्दे भी उठाए।उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी परियोजनाओं में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप लगातार सामने आ रहे हैं। किला ओवरब्रिज पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद उसकी स्थिति खराब हो चुकी है, जबकि स्काईवॉक अब तक जनता के लिए नहीं खोला गया।अंत में मयंक शुक्ला ने कहा कि बरेली की जनता को केवल उद्घाटन और घोषणाएं नहीं, बल्कि धरातल पर विकास चाहिए। उन्होंने अधूरी परियोजनाओं को शीघ्र पूरा करने, दोषियों की जवाबदेही तय करने और जनता के धन का पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित करने की मांग की। राम मंदिर के करोड़ों रुपए की चोरी मामले में कहा इसकी सीबीआई जांच होना चाहिए और राम मंदिर में बनाने में ईंट सरिया सीमेंट लगा था उसकी जांच होना चाहिए।प्रेस वार्ता में मुख्य रूप से भुवनेश यादव विक्रांत सिंह पाल राहुल यादव अभिषेक यादव मुजाहिद खान मौजूद रहे।















































































