पीलीभीत। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रस्तावित दौरे से पहले पीलीभीत में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। मुख्यमंत्री के आगमन से पहले समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और अन्य संगठनों के नेताओं ने पुलिस प्रशासन पर हाउस अरेस्ट किए जाने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं।सपा जिलाध्यक्ष जगदेव सिंह ‘जग्गा’ ने आरोप लगाया कि उन्हें सोमवार तड़के से ही पुलिस ने उनके आवास पर नजरबंद कर दिया। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं और जनहित के मुद्दों को उठाना विपक्ष का अधिकार है, लेकिन प्रशासन द्वारा आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि किसान, बिजली संकट, बेरोजगारी, महंगाई और अन्य समस्याओं को लेकर जनता परेशान है। इन मुद्दों को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही थी, लेकिन नेताओं को रोक दिया गया।वहीं कांग्रेस नेता कुमुद गंगवार ने भी हाउस अरेस्ट किए जाने का आरोप लगाया। बताया गया कि वह किसानों के गन्ना मूल्य भुगतान समेत अन्य मांगों को लेकर मुख्यमंत्री से मुलाकात करना चाहते थे।इसके अलावा भीम आर्मी जिलाध्यक्ष सौरभ भारतीय और हिन्दू महासभा जिलाध्यक्ष पं. पंकज शर्मा ने भी पुलिस द्वारा नजरबंद किए जाने का दावा किया है। पं. शर्मा ने बिजली संकट को लेकर जनता की आवाज मुख्यमंत्री तक पहुंचाने की बात कही थी।नेताओं ने प्रशासन की कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों से जोड़ते हुए कहा कि जनसमस्याओं को उठाने की आवाज को रोका नहीं जा सकता।उधर मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत कर दिया है। जिले में चप्पे-चप्पे पर निगरानी रखी जा रही है। हाउस अरेस्ट के आरोपों पर प्रशासन की ओर से अभी कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।