बदायूँ में भामाशाह की 479वीं जयंती पर भव्य समारोह,समाजहित मे उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प
बदायूं। नगर के भामाशाह चौराहा पर कल रात श्री भामाशाह सेवा समिति के तत्वावधान में दानवीर श्रद्धेय भामाशाह जी की 479वीं जयंती श्रद्धा, सम्मान और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित माल्यार्पण एवं प्रसाद वितरण कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा नगर के गणमान्य नागरिकों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर दानवीर भामाशाह को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
कार्यक्रम का शुभारंभ भामाशाह जी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित एवं माल्यार्पण के साथ हुआ। उपस्थित अतिथियों ने उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि दानवीर भामाशाह का त्याग, राष्ट्रभक्ति और समाज सेवा का आदर्श आज भी प्रत्येक भारतीय के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने अपने जीवन से यह संदेश दिया कि राष्ट्र और समाज की उन्नति के लिए धन, समय और सामर्थ्य का सदुपयोग किया जाना चाहिए।इस अवसर पर पूर्व राज्यमंत्री एवं सदर विधायक महेश चंद्र गुप्ता, दातागंज विधायक राजीव कुमार सिंह, पूर्व सांसद संघमित्रा मौर्य, भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव कुमार गुप्ता, भाजपा जिला उपाध्यक्ष शरदेंदु पाठक, जिला मंत्री विश्वजीत गुप्ता, उसावां ब्लॉक प्रमुख दिनेश कुमार सिंह, म्याऊ ब्लॉक प्रमुख के.सी. शाक्य, मनोज मशीह, सीकू भैया सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं समाजसेवी उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने भामाशाह जी के योगदान को स्मरण करते हुए समाज को उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं एवं उपस्थित लोगों को प्रसाद वितरित किया गया। आयोजन स्थल पर सामाजिक समरसता, राष्ट्रभक्ति और सेवा भावना का वातावरण देखने को मिला। बड़ी संख्या में नगरवासियों ने कार्यक्रम में भाग लेकर दानवीर भामाशाह के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।श्री भामाशाह सेवा समिति के सभी पदाधिकारी एवं सदस्य पूरे आयोजन के दौरान सक्रिय रूप से उपस्थित रहे। समिति के पदाधिकारियों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी अतिथियों, सामाजिक संगठनों एवं नगरवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में भी ऐसे प्रेरणादायी आयोजन निरंतर किए जाते रहेंगे, जिससे नई पीढ़ी को महापुरुषों के जीवन और उनके आदर्शों से प्रेरणा मिलती रहे।श्रद्धा, सेवा और सामाजिक एकता के संदेश के साथ संपन्न हुआ यह आयोजन नगर में चर्चा का विषय बना रहा तथा उपस्थित लोगों ने दानवीर भामाशाह के बताए मार्ग पर चलकर समाज और राष्ट्र की सेवा करने का संकल्प लिया।















































































