मां गायत्री जयंती एवं गंगा दशहरा पर पंचकुंडीय गायत्री महायज्ञ हुआ,24 आत्मीय परिजनों ने ली गुरु दीक्षा
बदायूं : गायत्री शक्तिपीठ एवं आध्यात्मिक चेतना केंद्र पर मां गायत्री जयंती और ज्येष्ठ गंगा दशहरा पर्व श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। पंचकुंडीय गायत्री महायज्ञ हुआ। जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर लोककल्याण और विश्वशांति की कामना की। वर्ष 1926 से प्रज्ज्वलित अखंड ज्योति और परम वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा के जन्मशताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में शांतिकुंज हरिद्वार से निकली ज्योति कलश रथ यात्रा का स्वागत और पूजन किया गया। आत्मीय परिजनों ने युगऋषि वेदमूर्ति तपोनिष्ठ पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य का पूजन किया।गायत्री शक्तिपीठ बदायूं के संस्थापक मंडल के सदस्य रहे स्व. बाबू ज्ञानेन्द्र को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
लखनऊ के एक कोचिंग संस्थान में हुई अग्निकांड की दुर्घटना में दिवंगत छात्र-छात्राओं की आत्मशांति के लिए विशेष आहुतियां यज्ञ भगवान को समर्पित की गईं तथा घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की गई।
प्रज्ञा मंडल के भवेश शर्मा ने कहा कि यज्ञ भारतीय संस्कृति का प्राण है, जो वातावरण को शुद्ध करने के साथ-साथ व्यक्ति के चिंतन एवं जीवन को भी सकारात्मक दिशा प्रदान करता है। परिव्राजक सुमित सुकृति ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ संपन्न कराया, पंकज कुमार ने प्रेरणादायी प्रज्ञा गीत प्रस्तुत किये।
गायत्री शक्तिपीठ के मुख्य प्रबंध ट्रस्टी सुरेंद्रनाथ शर्मा ने कहा कि मां गायत्री ज्ञान, विवेक और सद्बुद्धि की अधिष्ठात्री शक्ति हैं। उनके उपासना मार्ग पर चलकर व्यक्ति अपने जीवन को श्रेष्ठ बना सकता है। जिला समन्वयक नरेंद्र पाल शर्मा ने कहा कि युवा अपनी शक्ति, समय और प्रतिभा का उपयोग राष्ट्र निर्माण तथा समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए करें।
महायज्ञ में श्रद्धालुओं ने गायत्री मंत्र एवं महामृत्युंजय मंत्र की विशेष आहुतियां समर्पित कीं। मातृशक्तियों एवं देव कन्याओं ने मां गायत्री का श्रृंगार कर विशेष पूजा-अर्चना की। शेखूपुर विधायक हिमांशु यादव ने भी ज्योति कलश का पूजन कर यात्रा का भव्य स्वागत किया। शांतिकुंज से आए राजेश कुमार सिंह और उनकी पत्नी रानी सिंह ने लगाए हम बदलेंगे, युग बदलेगा, हम सुधरेंगे, युग सुधरेगा के उद्घोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। 24 आत्मीय परिजनों ने गुरु दीक्षा ग्रहण की। ममता पाल एवं माया सक्सेना ने पुंसवन, विद्यारंभ और अन्नप्राशन संस्कार आदि संपन्न कराए। यज्ञ की पूर्णाहुति के पश्चात मां गायत्री की आरती घंटे-घड़ियालों के साथ की गई तथा कन्या भोज का आयोजन हुआ। इसके उपरांत श्रद्धालुओं, गणमान्य नागरिकों एवं संत-महात्माओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस मौके पर रामचंद्र प्रजापति, सुखपाल शर्मा, महेश शाक्य, नत्थूलाल शर्मा, भुवनेश शर्मा, डॉ. सोहन पाल आदि मौजूद रहे।















































































