लखनऊ अग्निकांड के मृत छात्रों को बदायूं में श्रद्धांजलि, कैंडल मार्च निकालकर व्यापारियों ने जताया आक्रोश
बदायूं। राजधानी लखनऊ के अलीगंज पूरनिया क्षेत्र स्थित एक कोचिंग परिसर में हुए भीषण अग्निकांड में 15 मासूम छात्र-छात्राओं की दर्दनाक मौत से पूरे प्रदेश में शोक और आक्रोश का माहौल है। इसी क्रम में जनपद बदायूं में राष्ट्रीय उद्योग व्यापार संगठन एवं ऑल इंडिया ज्वेलर्स एसोसिएशन के बैनर तले व्यापारियों और नागरिकों ने शास्त्री चौक पर एकत्र होकर मृत बच्चों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की तथा कैंडल मार्च निकालकर घटना के प्रति अपना रोष व्यक्त किया।जिला अध्यक्ष जितेंद्र महाजन के नेतृत्व में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में बड़ी संख्या में व्यापारी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक शामिल हुए। उपस्थित लोगों ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर दिवंगत बच्चों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की तथा दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
प्रशासनिक भ्रष्टाचार और लापरवाही ने ली मासूमों की जान : जितेंद्र महाजनसभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय उद्योग व्यापार संगठन के जिला अध्यक्ष जितेंद्र महाजन भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि यह केवल एक हादसा नहीं बल्कि भ्रष्ट प्रशासनिक तंत्र और जिम्मेदार अधिकारियों की घोर लापरवाही का परिणाम है। उन्होंने मृत बच्चों को संगठन की ओर से अश्रुपूरित श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि इस असहनीय दुख की घड़ी में पूरा संगठन पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा है।10 वर्ष पुराना ध्वस्तीकरण आदेश दबाने का आरोपजितेंद्र महाजन ने कहा कि जिस तीन मंजिला अवैध व्यावसायिक भवन में कोचिंग सेंटर और गेमिंग जोन संचालित हो रहा था, उसके खिलाफ वर्ष 2016 में ही ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया गया था।

आरोप लगाया कि अधिकारियों की मिलीभगत से यह आदेश फाइलों में दबा दिया गया। यदि समय रहते कार्रवाई की जाती तो आज 15 मासूम बच्चों की जान बचाई जा सकती थी।फायर सेफ्टी मानकों की अनदेखी बनी मौत का कारणउन्होंने आरोप लगाया कि भवन में फायर सेफ्टी के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। न तो आपातकालीन निकास की व्यवस्था थी और न ही सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था। संकरे रास्तों और लोहे की ग्रिलों के कारण बच्चे बाहर नहीं निकल सके और आग की चपेट में आ गए।फायर ब्रिगेड की देरी पर भी उठाए सवालसभा में वक्ताओं ने फायर ब्रिगेड की कथित देरी पर भी सवाल खड़े किए। उनका कहना था कि जब बच्चे खिड़कियों से मदद की गुहार लगा रहे थे, तब राहत और बचाव दल समय पर नहीं पहुंच सका, जिससे हालात और अधिक गंभीर हो गए।मुख्यमंत्री से दोषियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांगजितेंद्र महाजन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की कि मामले में केवल छोटे कर्मचारियों या भवन स्वामी को जिम्मेदार ठहराकर कार्रवाई सीमित न की जाए। उन्होंने कहा कि उन सभी अधिकारियों और संबंधित विभागों के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ भी कठोर कार्रवाई होनी चाहिए, जिनकी लापरवाही और भ्रष्टाचार के कारण यह दर्दनाक घटना हुई। उन्होंने दोषियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर कठोर दंड दिए जाने की मांग की।
श्रद्धांजलि सभा और कैंडल मार्च में संदीप वर्मा, दीपक गुप्ता, कपिल रस्तोगी, अजय गुप्ता, मनोज गुप्ता, अजय रस्तोगी, सूर्य प्रकाश वर्मा, रामदास वर्मा, दीपक सैनी, यश गुप्ता, अक्षत गुप्ता, अंश गुप्ता, आदित्यमन महाजन, प्रशांत वर्मा, संजीव गुप्ता, मनोज कुमार गुप्ता, दिनेश वर्मा, अमित प्रकाश, विपुल रस्तोगी, रजत, सुमित वर्मा, चंद्र प्रकाश वर्मा, रॉबिन रस्तोगी, संजय रस्तोगी, हर्ष रस्तोगी, मयूर रस्तोगी, अनिकेत गुप्ता, राजेंद्र रस्तोगी, सचिन रस्तोगी, नीरज रस्तोगी, अश्विनी रस्तोगी, विनोद वर्मा, राजेश गुप्ता, योगेश अरोड़ा, सुनील गुप्ता, डॉ. संजीव गुप्ता, अवधेश गुप्ता, बिट्टू, गोविंद, आशीष त्रिवेदी, संजीव वैश्य, लखन गुप्ता, कैलाश चंद गौतम, बदन सिंह, मयूर मलिक सहित बड़ी संख्या में व्यापारी एवं नागरिक उपस्थित रहे।
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