बरेली। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. भानु प्रताप सिंह के साथ हाल ही में हुई घटना की विभिन्न कर्मचारी संगठनों द्वारा निंदा की जा रही है। इस क्रम में एक सफाई कर्मचारी संगठन ने भी घटना की कड़ी भर्त्सना करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि उत्तर प्रदेशीय सफाई कर्मचारी संघ के बैनर तले हुए आंदोलन और प्रदर्शन के दौरान नगर स्वास्थ्य अधिकारी के साथ हुई घटना दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। संगठन का कहना है कि घटना में शामिल अधिकांश लोग न तो नगर निगम के नियमित कर्मचारी थे और न ही आउटसोर्सिंग अथवा डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण कार्य से जुड़े हुए थे। संगठन के अनुसार यह घटना एक पूर्व नियोजित षड्यंत्र का हिस्सा थी, जिसमें नगर निगम के दो कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध बताई गई है। आरोप है कि इन्हीं कर्मचारियों द्वारा लोगों को एकत्र कर घटना को अंजाम दिलाया गया। संगठन ने स्पष्ट किया कि घटना से उसका कोई संबंध नहीं है तथा इस मामले में नामित आशीष कुमार वाल्मीकि और हेमंत कुमार को तत्काल प्रभाव से संगठन से निष्कासित कर दिया गया है। संगठन ने कहा कि वह किसी भी प्रकार की गुंडागर्दी और अराजकता का समर्थन नहीं करता तथा इस घटना की घोर निंदा करता है। संगठन ने प्रशासन से मांग की है कि नगर निगम के सीसीटीवी कैमरों में दर्ज फुटेज के आधार पर घटना में शामिल सभी लोगों की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही आरोपित दोनों नगर निगम कर्मचारियों के खिलाफ भी उचित विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।