बरेली। मुस्लिम शिया समुदाय में मुहर्रम के मौके पर अज़ादारी का सिलसिला जारी है। श्रद्धालु मजलिसों और मातम के माध्यम से कर्बला के शहीदों को याद कर रहे हैं। सुबह से ही शहर के विभिन्न इमामबाड़ों में मजलिसों का आयोजन शुरू हो गया। 7 मुहर्रम के अवसर पर हज़रत क़ासिम की शहादत की याद में इमामबाड़ा मुहम्मद शाह गढ़ैया से मजलिसों का सिलसिला प्रारंभ हुआ। इसके बाद हकीम आगा साहब गढ़ैया, वसी हैदर गढ़ैया तथा छिद्धि मुहम्मद कंघीटोला सहित विभिन्न स्थानों पर मजलिसों का आयोजन किया गया।इमामबाड़ा महबूब हुसैन, कंघीटोला में आयोजित मजलिस को मौलाना अरशद अब्बास ज़ैदी ने खिताब किया। उन्होंने अपने संबोधन में कर्बला के शहीदों के त्याग, बलिदान और उनके आदर्शों पर प्रकाश डालते हुए उपस्थित लोगों को उनसे प्रेरणा लेने का संदेश दिया।मजलिस का आयोजन इमामबाड़े के मुतवल्ली कल्बे हुसैन फरीद की अगुवाई में संपन्न हुआ। मजलिस के बाद अंजुमन गुलदस्ता-ए-हैदरी द्वारा नौहाख्वानी की गई, जिसमें अकीदतमंदों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। मीडिया प्रभारी शानू काज़मी ने बताया कि 7 मुहर्रम की रात 9 बजे से मेहंदी एवं अलम का जुलूस निकाला जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में अज़ादार शामिल होंगे।