बरेली। शहर के प्राचीन एवं भव्य बाबा त्रिवटीनाथ मंदिर में मंदिर सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित श्री रामचरितमानस ज्ञान कथा का शुभारंभ मंगलवार को श्रद्धा और भक्ति के साथ हुआ। कथा के प्रथम दिवस वाराणसी से पधारे विश्व विख्यात संत पं. श्रीनाथ मिश्र के प्रधान शिष्य पं. प्रभाकर त्रिपाठी का समिति के प्रताप चंद्र सेठ एवं मीडिया प्रभारी संजीव औतार अग्रवाल ने माल्यार्पण कर स्वागत किया। कथा व्यास पं. प्रभाकर त्रिपाठी ने श्री हनुमान जी के चरित्र का वर्णन करते हुए कहा कि वे भक्ति, समर्पण, बुद्धि, बल और विवेक के सर्वोच्च प्रतीक हैं। उन्होंने हनुमान जी के प्राकट्य की कथा सुनाते हुए बताया कि पुत्रकामेष्टि यज्ञ की दिव्य खीर के प्रभाव से माता अंजनी को हनुमान जी जैसे यशस्वी एवं परम भक्त पुत्र की प्राप्ति हुई। उन्होंने कहा कि जीवन में श्रेष्ठ कार्यशैली और समस्याओं के समाधान का मार्ग श्री हनुमान चरित्र के मनन से प्राप्त किया जा सकता है। कथा व्यास ने कहा कि कलयुग में सच्चे मन से हनुमान जी का स्मरण और श्रीराम नाम का जप करने से मनुष्य की अनेक समस्याओं का समाधान संभव है। कथा के उपरांत भक्तों ने श्री रामालय में आरती कर प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम में प्रताप चंद्र सेठ, संजीव औतार अग्रवाल, सुभाष मेहरा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। समिति ने बताया कि कथा का आयोजन प्रतिदिन सायं 5 से 7 बजे तक श्री रामालय में जारी रहेगा।