बरेली। सरस्वती शिशु मंदिर के शिशु वाटिका के निर्देशन में श्रावण मास के पावन अवसर पर विद्यार्थियों एवं आचार्यों द्वारा धार्मिक एवं सांस्कृतिक भावनाओं से ओतप्रोत कांवड़ यात्रा का आयोजन किया गया। यात्रा में विद्यालय परिवार के विद्यार्थियों, आचार्यों एवं अन्य सदस्यों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।कांवड़ यात्रा के दौरान विद्यार्थियों ने ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयकारों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान एवं श्रद्धाभाव के साथ भगवान भोलेनाथ का स्मरण करते हुए यात्रा पूर्ण की। विद्यालय परिसर में पहुंचने के बाद भगवान शिव का जलाभिषेक किया गया तथा सभी के सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की गई। विद्यालय के प्रधानाचार्य संजीव कुमार पाण्डेय ने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति, संस्कार, अनुशासन, सेवा एवं सामाजिक एकता की भावना विकसित करने का माध्यम भी है। उन्होंने विद्यार्थियों को सनातन परंपराओं और भारतीय संस्कृति के मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया।विद्यालय के मीडिया प्रभारी राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि कांवड़ यात्रा में विद्यार्थियों और आचार्यों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। कार्यक्रम में मातृशक्ति महानगर संयोजिका सुरुचि जायसवाल सहित बड़ी संख्या में अभिभावक मौजूद रहे।यात्रा को व्यवस्थित एवं सफल बनाने में विद्यालय के आचार्यों ने सहयोग किया। विद्यार्थियों में कांवड़ यात्रा को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। इस अवसर पर शिशु वाटिका प्रभारी नीलम मिश्रा, प्रियंका यादव, जूही, पूनम, चांदनी, किरण राय, साधना आदि उपस्थित रहीं।