झूठे हरिजन एक्ट मामले की निष्पक्ष जांच को लेकर भाकियू टिकैत का अल्टीमेटम,पुलीस ऑफिस का घेराव
बदायूं। भारतीय किसान यूनियन टिकैत ने थाना बिनावर क्षेत्र के ग्राम ओझा में दर्ज हरिजन एक्ट के मुकदमे की निष्पक्ष जांच न होने पर पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संगठन ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय का 15 मई को दोपहर 2 बजे मौन घेराव करने का अल्टीमेटम दिया है। यह कार्यक्रम किसान नेता स्वर्गीय चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत की पुण्यतिथि के बाद आयोजित किया जाएगा।
भाकियू टिकैत पदाधिकारियों का आरोप है कि 17 अप्रैल को ग्राम ओझा निवासी तहसील सदर के वरिष्ठ उपाध्यक्ष कैसर अली समेत आठ लोगों के खिलाफ हरिजन एक्ट के तहत झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया। संगठन का कहना है कि इस मामले में हरिजन एक्ट का दुरुपयोग किया गया है और निष्पक्ष जांच नहीं हो रही। उन्होंने सीओ सिटी से जांच हटाकर गांव में खुली और निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई है।मालवीय आवास गृह पर चल रहे धरने को संबोधित करते हुए बरेली मंडल प्रवक्ता राजेश कुमार सक्सेना ने कहा कि पांच दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस प्रशासन ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। उनका आरोप है कि अब तक न तो कोई कार्रवाई हुई और न ही कोई अधिकारी गांव पहुंचा। उन्होंने कहा कि इससे यह प्रतीत होता है कि निर्दोष लोगों को जेल भेजने की तैयारी की जा रही है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी कीमत पर हरिजन एक्ट का दुरुपयोग नहीं होने दिया जाएगा और निर्दोष लोगों को फंसाने का विरोध जारी रहेगा।वहीं मंडल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष चौधरी सौदान सिंह ने कहा कि जिले में लगातार झूठे मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं, जिससे निर्दोष लोग परेशान हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसान और ग्रामीण पिछले पांच दिनों से शांतिपूर्वक धरने पर बैठे हैं, लेकिन प्रशासन का रवैया बेहद संवेदनहीन बना हुआ है।धरने में शामिल लोगों ने बताया कि आंधी और तूफान के बावजूद ग्रामीण धरनास्थल पर डटे रहे। धरने में पप्पू सागर, छोटे अली, सुरेश दीवान, ठाकुर नेत्रपाल सिंह, नदीम, छोटेलाल, ओंकार सिंह, अरविंद, मोहम्मद हसन, बृजपाल प्रजापति, पप्पू सैफी, अनारकली, मुन्नी देवी, शकुंतला देवी, नथो देवी समेत भारी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं।















































































