बदायूँ जिला अदालत में पुराने सीजेएम कोर्ट के सामने गार्द में फंदे पर लटका मिला कर्मचारी का शव,हड़कंप
बदायूं। जिला अदालत परिसर में सोमवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक कर्मचारी का शव पुराने सीजेएम कोर्ट के सामने स्थित गार्द में फांसी के फंदे पर लटका मिला। घटना की जानकारी मिलते ही अदालत परिसर में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, जबकि मामले की गहन जांच शुरू कर दी गई है।मृतक की पहचान संजीव कुमार के रूप में हुई है, जो मूल रूप से जनपद बरेली का निवासी बताया जा रहा है। वह न्यायालय में कर्मचारी के पद पर कार्यरत था और वर्ष 2023 बैच में उसकी भर्ती हुई थी। उसकी पहली पोस्टिंग सहसवान कोर्ट में हुई थी। कुछ समय तक वहां कार्य करने के बाद उसने अपना तबादला बदायूं जिला अदालत में करवा लिया था।
सोमवार सुबह अदालत परिसर में कर्मचारियों और वकीलों की आवाजाही शुरू ही हुई थी कि तभी पुराने सीजेएम कोर्ट के सामने स्थित गार्द में एक युवक के फंदे से लटकने की सूचना फैल गई। देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और क्षेत्र को घेरकर जांच शुरू कर दी।
पुलिस कर्मियों की मौजूदगी में कर्मचारी के शव को फंदे से नीचे उतारा गया। घटना को लेकर अदालत परिसर में तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं। कई कर्मचारियों और अधिवक्ताओं ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। अचानक हुई इस घटना से न्यायालय परिसर का माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया।घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने फोरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया। फोरेंसिक विशेषज्ञों ने घटनास्थल से कई अहम साक्ष्य जुटाए और गार्द के आसपास की स्थिति का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि मामला आत्महत्या का है या इसके पीछे कोई अन्य वजह भी हो सकती है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा भी सूचना मिलते ही घटनास्थल पर पहुंचीं और अधिकारियों से पूरे मामले की जानकारी ली। उन्होंने मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों को निष्पक्ष और गंभीरता से जांच करने के निर्देश दिए। एसएसपी ने कहा कि घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बताया जा रहा है कि मृतक संजीव कुमार पिछले कुछ दिनों से मानसिक तनाव में था, हालांकि पुलिस ने अभी इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पुलिस मृतक के मोबाइल फोन, निजी दस्तावेज और उसके करीबी लोगों से पूछताछ कर रही है, ताकि घटना के पीछे की वास्तविक वजह सामने आ सके।अदालत परिसर में हुई इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि न्यायालय जैसे संवेदनशील परिसर में इस प्रकार की घटना होना चिंता का विषय है। वहीं कुछ कर्मचारियों ने बताया कि संजीव कुमार सामान्य व्यवहार करता था और किसी को अंदाजा नहीं था कि वह इतना बड़ा कदम उठा सकता है।
घटना की सूचना मृतक के परिजनों को दे दी गई है। परिजनों के बदायूं पहुंचने के बाद पुलिस उनसे भी पूछताछ करेगी। अदालत परिसर में दिनभर इस घटना को लेकर चर्चाओं का माहौल बना रहा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों की पड़ताल की जाएगी।
सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित जिला अदालत में हुई इस घटना ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस प्रशासन मामले को गंभीरता से लेते हुए हर एंगल से जांच में जुटा हुआ है।















































































