बदायूँ के नरऊ गांव में दूषित पानी प्रवाहित करने के प्रयास पर ग्रामीणों का हंगामा
बदायूं। उझानी नगर पालिका का दूषित पानी पुनः नरऊ गांव की ओर मोड़ने के प्रयास को लेकर रविवार को ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला। नेशनल हाईवे 530 बी निर्माण कार्य के दौरान गांव के पास पुलिया बनाकर गंदा पानी गांव की ओर प्रवाहित करने की कोशिश का ग्रामीणों ने जमकर विरोध किया। विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कोऑर्डिनेटर एवं जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष ओमकार सिंह ने किया।ग्रामीणों के अनुसार रविवार अपराह्न करीब तीन बजे नेशनल हाईवे 530 बी के अधिकारी और कर्मचारी गांव के पास सड़क काटकर पुलिया निर्माण का कार्य कर रहे थे। आरोप है कि इस पुलिया के माध्यम से उझानी नगर पालिका का दूषित पानी दोबारा नरऊ गांव में छोड़े जाने की योजना बनाई जा रही थी। इसकी जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और निर्माण कार्य रुकवा दिया।इस दौरान ओमकार सिंह ने अधिकारियों को जनहित याचिका संख्या 2378/2025 में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए आदेश की प्रति दिखाते हुए कहा कि पहले भी दूषित पानी के कारण गांव में संक्रामक रोग फैल चुके हैं। करीब 600 बीघा कृषि भूमि जलभराव और गंदे पानी से प्रभावित हो चुकी है। इतना ही नहीं, गांव के हैंडपंपों का पानी भी जहरीला हो गया था, जिसके चलते जल निगम ने कई हैंडपंपों के उपयोग पर रोक लगा दी थी।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण किसी भी स्थिति में दोबारा गांव में दूषित पानी नहीं आने देंगे। उच्च न्यायालय के आदेश और ग्रामीणों के तीव्र विरोध को देखते हुए अधिकारियों ने फिलहाल पुलिया निर्माण कार्य रोक दिया।
ओमकार सिंह ने बताया कि सोमवार को नेशनल हाईवे 530 बी के परियोजना अधिकारी को उच्च न्यायालय के आदेश की प्रति संलग्न कर ज्ञापन सौंपा जाएगा।प्रदर्शन के दौरान जिला कांग्रेस कमेटी के महासचिव इगलास हुसैन, किसान कांग्रेस के प्रदेश महासचिव गौरव सिंह राठौर, संघर्ष समिति अध्यक्ष योगेंद्र सिंह सोलंकी, कमल प्रताप सिंह, राजाराम टेलर, ओमप्रकाश जाटव, बलवीर सिंह, नरेंद्र कुमार, सुरेश कुमार, प्रेमपाल, पृथ्वी सिंह, रमेश कुमार, नेपाल सिंह सोलंकी, मुन्नालाल, मानसिंह सहित सैकड़ों ग्रामीण एवं कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।















































































