भाकियू (चढ़ूनी) की मासिक पंचायत में गरजे किसान नेता, प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप
बदायूं। भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) की ओर से किसानों एवं जनहित से जुड़ी समस्याओं को लेकर मालवीय आवास गृह में मासिक पंचायत आयोजित की गई। पंचायत के बाद संगठन पदाधिकारियों ने सात सूत्रीय ज्ञापन जिलाधिकारी को संबोधित करते हुए सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। पंचायत में वक्ताओं ने विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए प्रशासन की जमकर आलोचना की।
पंचायत को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष सतीश साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री के आदेशों के बावजूद जिले में निजी विद्यालयों द्वारा निजी प्रकाशकों की पुस्तकों की बिक्री धड़ल्ले से कराई जा रही है। शिक्षा विभाग ऐसे विद्यालयों पर कार्रवाई करने के बजाय शिक्षा माफियाओं को संरक्षण देता दिखाई दे रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इस पर अंकुश नहीं लगाया गया तो संगठन आंदोलन करने को बाध्य होगा।जिला महासचिव बीईशू दास ने निजी नर्सिंग होम और अस्पतालों में मरीजों को जेनेरिक दवाएं प्रिंट रेट पर बेचकर आर्थिक शोषण किए जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि बाजार में सस्ती उपलब्ध दवाओं को महंगे दामों पर बेचकर मरीजों को लूटा जा रहा है। ऐसे अस्पताल संचालकों को चिन्हित कर कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।जिला प्रभारी कृष्ण अवतार शाक्य ने भैंसोर नदी को अवैध कब्जों से मुक्त कराने की मांग उठाते हुए कहा कि संगठन कई बार ज्ञापन दे चुका है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने जिले की विभिन्न गोशालाओं की दयनीय स्थिति पर भी चिंता व्यक्त की और जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए।प्रदेश सचिव आसिम उमर ने उझानी नगर में कल्याण सिंह चौक से घंटाघर और कश्यप पुलिया से नवीन मंडी तक सड़क चौड़ीकरण कार्य लंबे समय से अधूरा पड़े होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि खराब सड़क के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं और कई लोगों की जान जा चुकी है। सावन माह में लाखों शिवभक्त इसी मार्ग से गुजरेंगे, ऐसे में कोई बड़ी घटना होने पर पीडब्ल्यूडी विभाग जिम्मेदार होगा।जिला सचिव महेंद्र पाल ने जिले में बढ़ते मच्छरों के प्रकोप को देखते हुए फॉगिंग और कीटनाशक दवाओं के छिड़काव की मांग की। साथ ही उन्होंने सदर तहसील के प्रथम एवं द्वितीय रजिस्ट्री कार्यालय में बैनामा कराने आने वाले लोगों से कर्मचारियों के नाम पर एक प्रतिशत रिश्वत वसूले जाने का आरोप लगाया।
पंचायत में यार्वेंद्र यादव, नूरुद्दीन, रजनीश उपाध्याय, सत्येंद्र यादव, रनवीर यादव, इरशाद खां, महेंद्र पाल, कासिम, चंद्रपाल, जान मोहम्मद, नन्हे पंडित, धर्मेंद्र सिंह, रामवीर सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान एवं संगठन पदाधिकारी मौजूद रहे।















































































