गांधी नेत्र चिकित्सालय के मुख्य द्वार पर अंतर्राष्ट्रीय मातृ दिवस श्रद्धा, सम्मान और सेवा भाव से मनाया
बदायूं : भारत स्काउट और गाइड संस्था के तत्वावधान में गांधी नेत्र चिकित्सालय के मुख्य द्वार पर अंतर्राष्ट्रीय मातृ दिवस श्रद्धा, सम्मान और सेवा भाव से मनाया गया। वहीं निशुल्क शीतल जल सेवा शिविर के दसवें दिन स्काउट गाइड ने भीषण गर्मी में राहगीरों और दूर-दराज से आए यात्रियों को शीतल जल पिलाकर उनकी प्यास बुझाई। सेवा कार्य के साथ मातृ शक्ति के सम्मान में संगोष्ठी का आयोजन भी किया गया।स्काउट संस्था के प्रादेशिक वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं जिला मुख्यायुक्त महेश चंद्र सक्सेना ने कहा कि मां दुनियां में पूज्यनीय है। मां की असीम कृपा से बच्चे महान लक्ष्य को प्राप्त करने में सक्षम होते हैं।
जिला सचिव आलोक कुमार पाठक ने कहा कि माता पूजनीय और वंदनीय है। मां जन्म देने वाली ही नहीं, बल्कि जीवन को संस्कार, स्नेह और मानवता की दिशा देने वाली प्रथम गुरु होती है।जिला संगठन कमिश्नर मु.असरार ने कहा कि मां का प्रेम निस्वार्थ, पवित्र और असीम होता है। मां अपने बच्चों के सुख और उज्ज्वल भविष्य के लिए हर कठिनाई सहन कर लेती है। आज की युवा पीढ़ी को माता-पिता के सम्मान और सेवा का संकल्प लेना चाहिए।पूर्व जिला ट्रेनिंग कमिश्नर संजीव कुमार शर्मा ने कहा कि मां ममता, करुणा और त्याग की सजीव प्रतिमा है। मां के चरणों में ही जीवन की सबसे बड़ी शिक्षा और प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार जल जीवन के लिए आवश्यक है, उसी प्रकार मां का स्नेह और आशीर्वाद जीवन को ऊर्जा और दिशा प्रदान करता है।गाइड कैप्टन रेनू गुप्ता ने कहा कि मां परिवार की आधारशिला होती है, जो अपने संस्कारों से समाज और राष्ट्र का निर्माण करती है।
स्काउट संस्था सदैव सेवा, संस्कार और मानवता के कार्यों को आगे बढ़ाती रही है। निस्वार्थ सेवा में स्काउट गाइड जुट रहते हैं। भीषण गर्मी में प्यासे लोगों को शीतल जल पिलाना भी मां की सेवा और मानवता के संस्कारों का ही प्रतीक है।
इस मौके पर कृष्णा, आरुषी, मोहिनी, कीर्ति, वैष्णवी, अनुष्का, रवनीत कौर, रुचित बाबू, हिमांशु, देवांश, रोशनी आदि मौजूद रहीं।















































































