मस्जिद नोमहला शरीफ़ में जनगणना स्व-गणना को लेकर जागरूकता शिविर आयोजित
बरेली। जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की टीम ने गुरुवार को सिविल लाइंस स्थित ऐतिहासिक मस्जिद नोमहला शरीफ़ और दरगाह नासिर मियाँ परिसर में एक विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन किया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य आगामी ‘जनगणना-2027’ के प्रथम चरण के तहत नागरिकों को ‘स्व-गणना’ (Self-Enumeration) की प्रक्रिया के प्रति जागरूक करना और उन्हें ऑनलाइन माध्यम से विवरण भरने हेतु प्रोत्साहित करना था।शिविर में जनसेवा टीम और बरेली हज सेवा समिति का विशेष सहयोग रहा।
स्व-गणना: डिजिटल भागीदारी पर जोरमुख्य वक्फ निरीक्षक श्रीमती रचना तोमर ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए बताया कि जनगणना के प्रथम चरण का शुभारंभ हो चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि:
7 मई से 21 मई, 2026 तक: नागरिक ऑनलाइन पोर्टल या मोबाइल ऐप के माध्यम से स्वयं मकान सूचीकरण और गणना का कार्य कर सकते हैं।22 मई से 20 जून, 2026 तक: इस प्रक्रिया को फील्ड कार्य (प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर) के माध्यम से पूरा किया जाएगा।
श्रीमती तोमर ने लोगों के सवालों के जवाब देते हुए समझाया कि जनगणना केवल जनसंख्या के आंकड़े जुटाना नहीं है, बल्कि यह भविष्य के समावेशी और सुनियोजित विकास का सशक्त आधार है। उन्होंने बरेली की जनता से सही और तथ्यात्मक जानकारी साझा करने की अपील की।टीम के अध्यक्ष व समाजसेवी पम्मी ख़ाँ वारसी ने कहा कि देश के विकास की योजनाओं का लाभ सही तरीके से पाने के लिए हर नागरिक को जागरूक होना होगा और ऑनलाइन स्व-गणना में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए।
बरेली हज सेवा समिति के मंडलाध्यक्ष अहमद उल्लाह वारसी ने भी सभी से इस राष्ट्रीय कार्य में सहयोग की अपील की। मस्जिद नोमहला शरीफ़ के इमाम मुफ़्ती अब्दुल बाक़ी मरकज़ी ने कहा कि शुक्रवार को जुमे की नमाज़ के बाद भी नमाजियों को जनगणना के महत्व और इसकी प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी।
शिविर में इस अवसर पर जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से कनिष्ठ सहायक राशिद हुसैन, वरिष्ठ सहायक मो. आसिफ, दरगाह नासिर मियाँ से सूफी वसीम मियाँ साबरी नासरी, फ़ाज़िल खान, नायब इमाम हसन रज़ा पुर्नवी और शाने अली कमाल मियाँ साबरी नासरी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।















































































