बदायूँ में आंधी-तूफान औऱ गरज-चमक के साथ झमाझम बारिश, मौसम हुआ सुहाना
बदायूँ।। जनपद में कल देर रात करीब एक बजे अचानक मौसम ने करवट ले ली। तेज आंधी, तूफान, गरज-चमक और बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से राहत दिला दी। रातभर चली तेज हवाओं और रुक-रुक कर हुई बारिश के चलते जिले के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। तेज हवा के कारण कई स्थानों पर पेड़, टहनियां, बिजली के पोल और तार टूट गए, जिससे विद्युत आपूर्ति भी बाधित हो गई। गुरुवार दोपहर तक आसमान में काले बादल छाए रहे और कई क्षेत्रों में हल्की बारिश व बादलों की गर्जना जारी रही।
मौसम में आए इस अचानक बदलाव से जहां लोगों को तपती गर्मी से राहत मिली, वहीं किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। विशेष रूप से आम की फसल पर आंधी और बारिश का प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। तेज हवा के चलते कई बागों में आम टूटकर गिर गए। वहीं कई स्थानों पर मकानों की टिन शेड और होर्डिंग्स उड़ने की घटनाएं भी सामने आईं। कच्चे मकानों पर भी खतरा मंडराने लगा है।स्थानीय लोगों के अनुसार रात के समय तेज हवा इतनी प्रचंड थी कि कई मोहल्लों में लोग घरों से बाहर निकल आए। बिजली आपूर्ति बाधित होने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। शहर के निचले इलाकों और ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव होने से आवागमन भी प्रभावित हुआ।मौसम विभाग के अनुसार उत्तर प्रदेश के कई जिलों में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण मौसम में यह बदलाव देखने को मिल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार बदायूँ और आसपास के क्षेत्रों में अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। जहां पिछले दिनों तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच रहा था, वहीं बारिश के बाद तापमान गिरकर लगभग 31 से 33 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच गया। न्यूनतम तापमान भी 21 से 23 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। हवा में नमी बढ़ने से मौसम सुहाना बना हुआ है।कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यह बारिश मक्का और गन्ने की खेती के लिए लाभदायक साबित हो सकती है। खेतों में नमी बढ़ने से सिंचाई की आवश्यकता फिलहाल कम हो जाएगी। किसानों को सलाह दी गई है कि बारिश होने के कारण वे फिलहाल ट्यूबवेल से सिंचाई न करें। इससे पानी और बिजली दोनों की बचत होगी। हालांकि आम, सब्जियों और कुछ दलहनी फसलों को नुकसान पहुंचने की संभावना बनी हुई है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार वर्तमान में पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण उत्तर भारत का मौसम लगातार बदल रहा है। IMD ने अगले कुछ दिनों तक रुक-रुक कर बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार बदायूँ समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अगले एक सप्ताह तक मौसम पूरी तरह साफ होने की संभावना कम है।
8 मई: आंशिक बादल छाए रहेंगे, हल्की बारिश की संभावना। अधिकतम तापमान 33°C के आसपास रह सकता है।
9 मई: गरज-चमक के साथ हल्की बूंदाबांदी संभव, हवाएं चलेंगी।
10 मई: एक बार फिर तेज आंधी और बारिश का नया सिस्टम सक्रिय हो सकता है।
11 मई: बादल छाए रहेंगे, कुछ क्षेत्रों में मध्यम बारिश के आसार।
12 मई: मौसम सामान्य रहने के साथ उमस बढ़ सकती है।
13 मई: दोपहर बाद हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना।
14 मई: मौसम धीरे-धीरे साफ होगा, तापमान में बढ़ोतरी शुरू हो सकती है।
मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि खराब मौसम के दौरान पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े न हों तथा अनावश्यक रूप से खुले मैदानों में जाने से बचें। किसानों को भी फसलों की सुरक्षा के लिए सतर्क रहने को कहा गया है।
विशेषज्ञों के अनुसार मई माह में सामान्य से अधिक वर्षा होने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग की मासिक रिपोर्ट के मुताबिक मई 2026 में देशभर में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज हो सकती है, जबकि उत्तर भारत में समय-समय पर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रहेगा।
बारिश और ठंडी हवाओं के चलते लोगों को फिलहाल गर्मी से बड़ी राहत मिली है। सुबह और शाम का मौसम बेहद सुहावना बना हुआ है। हालांकि मौसम के इस बदले मिजाज ने प्रशासन और किसानों दोनों की चिंता भी बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में यदि तेज आंधी और बारिश का सिलसिला जारी रहा तो फसलों के साथ-साथ बिजली और यातायात व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है।















































































