बदायूँ में महिलाओं ने सपा-कांग्रेस के विरोध में एकजुट होकर किया प्रदर्शन,पुतला दहन किया
बदायूँ :- महिला जनाक्रोश मार्च अभियान के अंतर्गत जनपद के विभिन्न स्थानों पर आयोजित कार्यक्रम में बिल्सी नगर में बाजार चौराहा, उझानी नगर में नगर पालिका के सामने, बदायूँ नगर में कचहरी चौराहा, करनपुर चौराहा, इस्लामनगर में इस्लामनगर चौराहा पर महिलाओं द्वारा विशाल मार्च के दौरान हाथों में तख्तियां और नारों के साथ महिलाओं ने कांग्रेस एवं समाजवादी पार्टी के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया तथा महिलाओं ने नारेबाजी करते हुए कांग्रेस-सपा का पुतला दहन कर विरोध दर्ज कराया।चैयरमैन बिल्सी ज्ञानवती सागर ने कहा महिलाओं का मुद्दा आज देश की दिशा और दशा से जुड़ा विषय बन चुका है। जब भी महिलाओं को अधिकार देने की बात आती है, तब कुछ राजनीतिक दल अड़ंगे डालने का काम करते हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने 33% आरक्षण का प्रावधान कर महिलाओं को सशक्त बनाने का मजबूत कदम उठाया है, लेकिन विपक्ष ने इसे भी राजनीति का विषय बना दिया। महिला जन आक्रोश अभियान इसी मानसिकता के खिलाफ एक जागरूकता अभियान है।

चैयरमैन उझानी पूनम अग्रवाल ने कहा कि आज देश में महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए माहौल बदला है और इसमें केंद्र सरकार की नीतियों की अहम भूमिका है। महिलाओं को सुविधा, सुरक्षा और सम्मान देने के लिए लगातार कार्य हो रहा है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जो दल वर्षों तक महिलाओं को अधिकार नहीं दे सके, वे आज भी उनके मुद्दों को भटकाने का प्रयास कर रहे हैं। जनता अब सब समझ चुकी है।चैयरमैन मुड़िया धुरेकी अनुपम पाठक ने कहा कि महिला जन आक्रोश अभियान समाज में एक नई चेतना पैदा कर रहा है। महिलाएं अब अपने अधिकारों के प्रति पहले से अधिक सजग और संगठित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि कुछ दल समाज को बांटने की राजनीति करते हुए महिलाओं के मुद्दों को भी प्रभावित कर रहे हैं, जो सही नहीं है। इस प्रकार की सोच को जनता जवाब देगी।जिला उपाध्यक्ष सीमा राठौर ने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रही हैं। सरकार की योजनाओं ने उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि भाजपा का लक्ष्य महिलाओं को बराबरी का अवसर देना है, ताकि वे देश के विकास में और अधिक योगदान दे सकें।मोनिका सक्सेना ने कहा कि महिलाओं का सशक्तिकरण केवल नीतियों से नहीं, बल्कि समाज की सोच बदलने से संभव है। आज इस दिशा में सकारात्मक परिवर्तन दिखाई दे रहा है, उन्होंने कहा कि आने वाला समय महिलाओं का है और वे अपने अधिकारों के लिए पूरी मजबूती के साथ खड़ी हैं, जिसे कोई भी नजरअंदाज नहीं कर सकता।क्षेत्रीय मंत्री रजनी मिश्रा ने कहा सपा और कांग्रेस ने हमेशा महिलाओं के मुद्दों को नजरअंदाज किया, लेकिन अब महिलाएं जागरूक होकर अपने अधिकारों के लिए आवाज उठा रही हैं। उन्होंने कहा महिला जन आक्रोश अभियान इसी जागरूकता का प्रतीक है, जिसमें महिलाएं एकजुट होकर विरोध दर्ज करा रही हैं और आगे भी सशक्त भूमिका निभाएंगी।इस अवसर पर सदर विधायक महेश चंद्र गुप्ता, पूर्व चैयरमैन दीपमाला गोयल, सरिता वार्ष्णेय, रचना शंखधार, राजवती वर्मा, सलोनी पाठक, रेनू सिंह, मोनिका गंगवार, सुनीता सोलंकी, शालनी मित्तल, पिंकी कवारा, प्रेमलता दिवाकर, अनिता शर्मा, पूनम शर्मा, रचना शर्मा, योगिता रस्तोगी, मंजू शर्मा तथा बड़ी संख्या में मातृशक्ति उपस्थित रही।















































































