बदायूँ। मेरे राम कथा आयोजन समिति, रिसौली के तत्वावधान में आयोजित नौ दिवसीय श्री राम कथा महोत्सव का विधिवत समापन भक्ति और श्रद्धा के वातावरण में संपन्न हुआ। कथा के नवम् (विराम) दिवस पर भगवान श्रीराम के जीवन के प्रमुख प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया गया, जिसमें भरत-शत्रुघ्न की अयोध्या वापसी, महाराज दशरथ की अंत्येष्टि, भरत का चित्रकूट गमन और राम-भरत मिलाप जैसे मार्मिक प्रसंगों ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। कथा में आगे सीता हरण, जटायु-रावण युद्ध, शबरी प्रसंग, हनुमान-राम मिलन, सुग्रीव मैत्री, बालि वध, लंका दहन, विभीषण शरणागति, सेतु निर्माण, लक्ष्मण शक्ति, कुम्भकर्ण व मेघनाथ वध तथा अंततः रावण वध और अयोध्या वापसी के प्रसंगों का विस्तार से वर्णन किया गया। कथा के समापन पर भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के राजतिलक का प्रसंग सुनाया गया, जिसके बाद श्रद्धालुओं ने आरती उतारी और प्रसाद ग्रहण किया। यज्ञ की पूर्णाहुति एवं कलश वितरण के साथ कार्यक्रम का विधिवत समापन हुआ। विराम दिवस पर यजमान राधेश्याम पाली सहित पंडित सोनू शर्मा, गोपाल शर्मा, धर्मेंद्र सक्सेना, गिरीश पाल सिंह, मंगली राम शर्मा, अरुण शर्मा, सत्येंद्र सजग, विपिन कुमार सिंह, आकाश दीप, सतीश कश्यप, भानू चौहान, अवधेश माहेश्वरी, योगेश बजाज, अतुल सोलंकी, दुष्यंत सोलंकी, पंकज मिश्रा, राजेंद्र प्रसाद, पुनेश भारद्वाज समेत सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने श्रद्धा पूर्वक आरती कर प्रसाद ग्रहण किया और आयोजन की सराहना की।