बदायूं: केंद्र सरकार के ‘कैशलेस इकोनॉमी’ के सपने को जमीनी स्तर पर गैस एजेंसियां पलीता लगा रही हैं। बिसौली क्षेत्र के मुडिया धुरेकी स्थित शिव शक्ति इंडेन गैस एजेंसी का एक ताज़ा मामला डिजिटल प्रणाली की खामियों और एजेंसी की मनमानी को उजागर करता है। क्षेत्र की जागरूक उपभोक्ता पूजा मिश्रा ने गैस बुकिंग के लिए आधुनिक रास्ता चुना और यूपीआई के जरिए ₹930.5 का अग्रिम भुगतान कर दिया। लेकिन 8 अप्रैल से लेकर आज तक उन्हें न तो गैस मिली और न ही कोई संतोषजनक जवाब। जब उन्होंने एजेंसी के हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क किया, तो वहां से कोई उत्तर नहीं मिला। यह स्थिति दर्शाती है कि एजेंसी न केवल सेवाओं में सुस्त है, बल्कि उपभोक्ता की शिकायतों के प्रति पूरी तरह संवेदनहीन भी है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह केवल एक उपभोक्ता की कहानी नहीं है, बल्कि कई लोग इस ‘डिजिटल फंदे’ में फंसकर परेशान हो रहे हैं। सवाल: जब पैसा कट गया, तो तेल कंपनियों के नियम अनुसार 48 घंटे में डिलीवरी क्यों नहीं हुई?