‘भूल न जाना, एचपीवी वैक्सीन ज़रूर लगवाना’: डॉ. विश्राम सिंह
बरेली। ‘विश्व स्वास्थ्य दिवस’ के अवसर पर भोजपुरा ब्लॉक में एचपीवी टीकाकरण अभियान हुअ जिसके तहत ब्लॉक स्थित स्थित श्री राम मूर्ति स्मारक इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज की टीकाकरण क्लिनिक में पाँच किशोरियों का टीकाकरण हुआ |
इस अवसर पर प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, बाल रोग, डॉ. वंदना नेगी ने किशोरियों के स्वास्थ्य के लिए एचपीवी टीके के महत्व को रेखांकित किया और बताया कि सही समय पर टीकाकरण भविष्य में गंभीर बीमारियों से सुरक्षा प्रदान करता है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ विश्राम सिंह ने अवगत कराया कि नेशनल कैंसर रजिस्ट्री प्रोग्राम आईसीएमआर 2024 के डेटा के अनुसार, देश में साल भर में कैंसर के करीब 78 हज़ार नए मामले सामने आए और 42 हज़ार से अधिक महिलाओं ने अपनी जान गँवा दी। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि लगभग 99% मामलों का कारण ‘ह्यूमन पैपिलोमा वायरस’ है, जिसे एक छोटी सी वैक्सीन से रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि अपनी ओपीडी में आने वाले हर माता-पिता को इस वैक्सीन के लिए प्रोत्साहित करें। अपने अस्पताल और विभाग में इसके प्रचार-प्रसार की सामग्री को प्रमुखता से लगवाएं यदि किसी अभिभावक के मन में कोई शंका है, तो उसे वैज्ञानिक तथ्यों के साथ दूर करें।
उन्होंने इस इस मुहिम को जन-आंदोलन बनाने पर जोर दिया | उन्होंने कहा कि ‘भूल न जाना, एचपीवी वैक्सीन ज़रूर लगवाना।’
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ प्रशांत रंजन नें इस अवसर पर बताया कि अब तक जनपद में कुल 1145 किशोरियों को एचपीवी का टीका लगाया जा चुका है। अब तक सर्वाधिक 131 एचपीवी टीकाकरण सीएचसी मीरगंज में, नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जगतपुर में 110, जिला महिला चिकित्सालय में 93, पीएचसी रामनगर में 86 और सीएचसी फतेहगंज में 82 किशोरियों का एचपीवी टीकाकरण हुआ है।
डॉ. मनोज टांगरी प्रोफेसर, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभागने एचपीवी संक्रमण के खतरों और उससे बचाव में वैक्सीन की भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
डॉ. अभिनव पांडे, एसोसिएट प्रोफेसर, कम्युनिटी मेडिसिन ने इस बात पर जोर दिया कि यह देशव्यापी अभियान एचपीवी संक्रमण के बोझ को कम करने और इससे होने वाली मृत्यु दर को घटाने में मील का पत्थर साबित होगा।
फैजान अली राज्य तकनीकी प्रबंधक नें बताया कि अब तक 165 देशों में 50 करोड़ को लगाया जा चुका है ये टीका।
यह पहल न केवल स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाती है, बल्कि भारत सरकार के कैंसर मुक्त भविष्य के संकल्प को भी मजबूती प्रदान करती है। संस्थान भविष्य में भी इस तरह के जन-हितैषी अभियानों में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है।














































































