केले शाह बाबा के कुल शरीफ में मांगी गई खुसूसी दुआ, उर्स में उमड़ा अकीदतमंदों का सैलाब
बरेली। कुत्बे ओलिया हज़रत जलालुद्दीन सरकार सैय्यद शाहदाना वली रहमतुल्लाह अलेह के छोटे उर्स सत्तरवीं शरीफ के चौथे दिन दरगाह परिसर में रूहानी माहौल देखने को मिला। दिन की शुरुआत कुरान पाक की तिलावत से हुई, जिसके बाद मज़ारे मुबारक पर सलातो सलाम का नजराना मस्जिद के इमाम मौलाना मुशाहिद रजा ने पेश किया।
दिनभर दरगाह पर चादरपोशी और गुलपोशी का सिलसिला जारी रहा। इसी क्रम में लखनऊ बर्फ बोर्ड से आए कोऑर्डिनेटर असद उज़मा साहब ने दरगाह पर हाजिरी देकर मुल्क में अमन-ओ-अमान और भाईचारे के लिए दुआ की। इस मौके पर मुतवल्ली अब्दुल वाज़िद खां नूरी और वसी अहमद वारसी ने उन्हें शॉल ओढ़ाकर व शील्ड देकर सम्मानित किया।
बाद नमाज-ए-ज़ोहर चंद मियां अशरफी ने मिलादे पाक की महफिल सजाई, जबकि नमाज-ए-असर के बाद फनकार निजाम साबरी कलियरी ने रंग शरीफ पेश कर समा बांध दिया। इसके बाद सरकार केले शाह बाबा के कुल शरीफ की फातिहा अदा की गई, जिसमें शहज़ादा-ए-हुज़ूर तहसीन-ए-मिल्लत सूफी रिजवान रज़ा खां कादरी ने देश में अमन, भाईचारे, खुशहाली और तरक्की के लिए खुसूसी दुआ कराई।
रात 10 बजे से महफिल-ए-सिमा (कव्वाली) का आयोजन हुआ, जिसमें दूर-दराज से आए फनकार मोबीन नियाजी और निजाम साबरी कलियरी ने सरकार गौसे पाक, वारिसे पाक, केले शाह बाबा और शाहदाना वली की शान में रूहानी कलाम पेश कर अकीदतमंदों को झूमने पर मजबूर कर दिया। “तेरा दर मिल गया मुझको सहारा हो तो ऐसा हो…” जैसे कलामों पर खूब वाहवाही लूटी गई। कार्यक्रम देर रात तक चलता रहा।
उर्स के दौरान जायरीनों के लिए दिनभर लंगर का इंतजाम भी किया गया। सभी कार्यक्रम दरगाह के मुतवल्ली अब्दुल वाज़िद खां बब्बू मियां नूरी की जेरे सरपरस्ती में संपन्न हुए।
मीडिया प्रभारी वसी अहमद वारसी ने जानकारी देते हुए बताया कि 8 अप्रैल को सुबह 10:30 बजे हजरत सैय्यद बाबा के कुल शरीफ की फातिहा अदा की जाएगी, जिसके साथ पांच रोजा उर्स का समापन होगा।
उर्स के इंतजाम में गुल्लन खां, अब्दुल सलाम नूरी, गफूर पहलवान, यूसुफ इब्राहिम, जावेद खां, मेहबूब साबरी, भूरा साबरी, सईद खां, परवेज खां, अकरम दाना, हाफिज सलीम रजा, मिर्जा शाहाब बेग, मिर्जा मुकर्रम बेग, जफर अली, दिलावर खां, तौसीफ खां सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।














































































