बदायूँ। मीरा जी की चौकी स्थित श्री राम सरस्वती विद्या मंदिर विद्यालय में आज विश्व हिंदू परिषद के तत्वावधान में राम महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान श्रीराम एवं भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं पुष्प अर्पण के साथ हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्रधानाचार्य कालिका प्रसाद गंगवार ने की। मुख्य वक्ता के रूप में सुनील राठौर उपस्थित रहे, जबकि मुख्य अतिथि पंडित इशांत शर्मा एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में विश्व हिंदू परिषद बदायूँ के जिलाध्यक्ष नीरज रस्तोगी मौजूद रहे।मुख्य वक्ता सुनील राठौर ने अपने उद्बोधन से पूर्व भगवान श्रीराम की धनुष धारण किए हुए भाव-भंगिमा का मंच पर प्रदर्शन कर उपस्थित जनसमूह में उत्साह और ऊर्जा का संचार किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का 14 वर्षों का वनवास काल ही उन्हें “मर्यादा पुरुषोत्तम” बनाता है। इसी कालखंड में उन्होंने एक आदर्श पुत्र, आदर्श भाई, आदर्श मित्र और आदर्श पति के रूप में समाज को दिशा दी।उन्होंने कहा कि भगवान राम का जीवन हमें सिखाता है कि समाज में समरसता कैसे स्थापित की जाए और राष्ट्र सर्वोपरि होता है। राष्ट्र की रक्षा के लिए आवश्यक होने पर संघर्ष और युद्ध भी अनिवार्य हो जाता है। उन्होंने कहा कि “राम हमारी आस्था ही नहीं, बल्कि गौरव और राष्ट्र की पहचान भी हैं — राष्ट्र ही राम है और राम ही राष्ट्र हैं।उनके उद्बोधन के दौरान कार्यक्रम स्थल “जय श्रीराम” और “भारत माता की जय” के नारों से गूंजता रहा।कार्यक्रम का आयोजन जिला मंत्री विनय प्रताप सिंह द्वारा किया गया। इस अवसर पर जिला सह मंत्री राजेश बाबू, कोषाध्यक्ष नीरज गोचर, संदीप रस्तोगी उर्फ दीपू भैया सहित बड़ी संख्या में राम भक्त उपस्थित रहे।कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ कार्यकर्ता डी.एन. शर्मा ने किया, जबकि अंत में जिला अध्यक्ष नीरज रस्तोगी ने सभी उपस्थित जनों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम का समापन किया।