बरेली। उत्तर प्रदेश पुलिस के जांबाज डॉग स्क्वाड सदस्य और इंस्पेक्टर रैंक पर तैनात जर्मन शेफर्ड ‘फेंग’ ने करीब आठ वर्षों तक अपनी शानदार सेवाएं देने के बाद हमेशा के लिए दुनिया को अलविदा कह दिया। पिछले कई महीनों से बीमार चल रहे फेंग का इलाज बरेली स्थित भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान में चल रहा था, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। फेंग को करीब आठ वर्ष पहले अपराधियों पर नकेल कसने के लिए आईटीबीपी से बरेली लाया गया था। अपनी सूझबूझ, तेज सूंघने की क्षमता और शानदार कार्यशैली के दम पर फेंग ने पुलिस विभाग में खास पहचान बनाई। समय के साथ उनके उत्कृष्ट कार्यों को देखते हुए उनका लगातार प्रमोशन होता रहा और वर्तमान में वह इंस्पेक्टर रैंक पर तैनात थे। अधिकारियों के अनुसार उनका डिप्टी एसपी रैंक पर प्रमोशन भी प्रस्तावित था, लेकिन इससे पहले ही बीमारी ने उन्हें हमसे छीन लिया।एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि फेंग ने कई गंभीर और ब्लाइंड मामलों के खुलासे में अहम भूमिका निभाई। सीरियल किलिंग, डकैती, हत्या और दुष्कर्म जैसे संगीन अपराधों की जांच में फेंग की सूझबूझ और ट्रैकिंग क्षमता पुलिस के लिए बेहद मददगार साबित हुई।फेंग की मौत की खबर से पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ गई। बरेली पुलिस लाइन स्थित शहीद स्तंभ पर उन्हें पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। इस दौरान एसएसपी समेत तमाम पुलिस अधिकारियों और जवानों ने गमगीन माहौल में फेंग को श्रद्धांजलि अर्पित की।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बरेली पुलिस और शहर के लिए फेंग का योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। उनकी वफादारी, बहादुरी और सेवाएं पुलिस विभाग के लिए प्रेरणा बनी रहेंगी।