1000 वर्ष बाद सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के पावन अवशेषों का नाथ नगरी बरेली में आगमन 6 को
बरेली । बरेली में आर्ट ऑफ लिविंग परिवार द्वारा सोमनाथ ज्योतिर्लिंग पूजा एवं दर्शन के ऐतिहासिक आगमन को लेकर प्रेस कॉम्फ्रेंस आयोजित की गई। परमपूज्य गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर जी के मार्गदर्शन में बेंगलुरु स्थित आर्ट ऑफ लिविंग आश्रम से स्वामी भव्यतेज जी इन 1000 वर्ष प्राचीन सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के पावन अवशेषों को लेकर बरेली पधार रहे हैं। यह यात्रा पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, केरल और तमिलनाडु से होते हुए उत्तर प्रदेश में झाँसी, कानपुर, आगरा, मेरठ, मुरादाबाद, होते हुए 6 अप्रैल को बरेली त्रिवटी नाथ मंदिर पहुँचेगी।स्वेता कुनार ने बताया कि आर्ट ऑफ लिविंग, 6 अप्रैल को नाथ नगरी बरेली एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक घटना की साक्षी बनने जा रही है। पूरे भारत देश की यात्रा के अंतर्गत श्री सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के पावन अवशेष जो 100 वर्षों तक तमिलनाडु में गुप्त रूप से संरक्षित रहे इस पावन नगरी में पहुँचेंगे।गोपाल सरन अग्रवाल ने कहा कि इतिहास के अनुसार वर्ष 1026 ईसवीं में आक्रमणकारी महमूद गजनवी द्वारा सोमनाथ मंदिर को ध्वस्त कर दिया गया था, किंतु आस्था की ज्योति निरंतर प्रज्वलित रही। इस पवित्र शिवलिग के अवशेषों को अग्निहोत्री पुजारियों ने 900 वर्षों तक गुप्त रूप से सुरक्षित रखकर पूजा-अर्चना की, जो पीढ़ी दर पीढी संरक्षित होते रहे। सन् 1925 में काँची के शंकराचार्य द्वारा भविष्यवाणी की गई कि इन अवशेषों को उचित समय पर ऐसे योग्य आध्यात्मिक नेतृत्व को सौंपा जाए जिनके नाम में शंकर हो। जनवरी 2025 में परंपरा के अंतिम संरक्षक श्री सीताराम शास्त्री जी ने महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर ये अवशेष गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर जी को सौंपे।सौरम मेहरोत्रा, आर्ट ऑफ लिविंग शिक्षक ने कहा कार्यक्रम मंदिर में प्रातः 8:30 बजे से 1:00 बजे तक आयोजित होगा। कार्यक्रम में सोमनाथ शिवलिंग पूजा, आर्ट ऑफ लिविंग भजन संकीर्तन तथा दर्शन होगा। प्रेस वार्ता में स्वेता कुनार, रीना अग्रवाल ,अमित निरौली , सौरभ मल्होत्रा, नवीन गोयल , बृजवासी , गोपाल सरन, अशोक भसीन आदि मौजूद रहे।














































































