बदायूं में पुलिस पर युवक से मारपीट और लूट का आरोप, मां ने एसएसपी से लगाई न्याय की गुहार; कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी
बदायूं। जिले के कोतवाली क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें एक महिला ने पुलिसकर्मियों पर उसके बेटे के साथ मारपीट, अवैध वसूली और लूटपाट जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को प्रार्थना पत्र देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।पीड़िता अंजुम पत्नी असगर अली, निवासी कोतवाली क्षेत्र, ने अपने शिकायती पत्र में बताया कि 2 अप्रैल की शाम करीब 6 बजे उनका बेटा अरबाज़ लालपुल स्थित श्मशान घाट के पास मौजूद था। उसी दौरान पुलिस चौकी के दो सिपाही वहां पहुंचे और बिना किसी स्पष्ट कारण के उसे जबरन पकड़कर चौकी ले गए।महिला का आरोप है कि चौकी पर ले जाकर पुलिसकर्मियों ने उसके बेटे से पैसों की मांग की। जब अरबाज़ ने पैसे देने से इनकार किया, तो पुलिसकर्मियों ने उसके साथ बेरहमी से मारपीट शुरू कर दी। पीड़िता के अनुसार, इस मारपीट में उसके बेटे का हाथ टूट गया और शरीर के कई हिस्सों पर गंभीर चोटें आई हैं।इतना ही नहीं, महिला ने यह भी आरोप लगाया है कि मारपीट के दौरान पुलिसकर्मियों ने उसके बेटे की जेब में रखे करीब 5400 भी छीन लिए। पीड़िता का कहना है कि यह पूरी घटना लूट और उत्पीड़न का मामला है, जिसमें पुलिस की भूमिका बेहद गंभीर और निंदनीय है।पीड़िता ने आगे बताया कि घटना के बाद जब उसने इस मामले की शिकायत करने की कोशिश की, तो आरोपी पुलिसकर्मियों ने उसे और उसके बेटे को झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। साथ ही एनकाउंटर जैसी गंभीर धमकी भी दी गई, जिससे पूरा परिवार भयभीत है।डर और दबाव के कारण अब तक पीड़ित युवक का सरकारी अस्पताल में मेडिकल परीक्षण नहीं कराया जा सका है। हालांकि, परिवार द्वारा कराए गए निजी एक्स-रे में युवक का हाथ टूटने की पुष्टि हुई है। इसके बावजूद, पुलिस की ओर से कोई सहायता नहीं मिली और न ही अब तक किसी प्रकार की आधिकारिक कार्रवाई की गई है।पीड़िता अंजुम ने एसएसपी से मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। साथ ही उसके बेटे का तत्काल सरकारी अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया जाए, ताकि चोटों का सही दस्तावेजीकरण हो सके। उन्होंने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की भी मांग की है।इस घटना के सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है और लोग भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मामला पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।वहीं, इस पूरे मामले में अब तक पुलिस विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। पीड़ित परिवार न्याय की उम्मीद लगाए बैठा है और प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग कर रहा है, ताकि उन्हें न्याय मिल सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।














































































