बरेली। लाल फाटक ओवर फ्लाई (परशुराम सेतु) के पास सेना की डेरी के सामने स्थित एक विशाल पेड़ लगातार सड़क हादसों का कारण बनता जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल से उतरते ही यह पेड़ सर्विस रोड के बीच में आ जाता है, जिससे यह क्षेत्र पूरी तरह “एक्सीडेंट जोन” बन चुका है।पेड़ हटाने की मांग करते हुए वीर महाकाल सेवा समिति के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया।वीर महाकाल सेवा समिति के अध्यक्ष सुरेश कुमार ने बताया कि पुल से तेज रफ्तार में आने वाले वाहन चालकों को यह स्पष्ट नहीं दिखता कि सर्विस रोड से भी वाहन आ सकते हैं। पेड़ के कारण सर्विस लेन को अचानक मोड़ दिया गया है, जिससे अक्सर टक्कर हो जाती है और गंभीर हादसे सामने आते हैं।हाल ही में 16 फरवरी को उमरसिया निवासी एक युवक को ट्रक ने कुचल दिया था, जिसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं 1 अप्रैल की रात करीब 10 बजे एक ट्रक ने एक ईको गाड़ी को टक्कर मार दी, जिसमें सवार चार महिलाएं और एक चालक गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन घटनाओं की प्रमुख वजह वही पेड़ है, जिसे अब “मौत का पेड़” कहा जाने लगा है।क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि इस खतरनाक पेड़ को जल्द से जल्द हटाया जाए और सर्विस रोड को चारों ओर से लगभग 100-100 मीटर तक चौड़ा व सुरक्षित बनाया जाए, ताकि दुर्घटनाओं की संभावना को कम किया जा सके। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में और भी बड़े हादसे हो सकते हैं। प्रदर्शन के दौरान योगेंद्र सिंह , अजय , आर्यन , रवि , प्रदीप कुमार, सुरेश , रोहित कमल , मोहित पटेल आदि मौजूद थे ।