बरेली में कनिष्ठ सहायकों की ज्येष्ठता सूची लंबित, संगठन में रोष; 16 अप्रैल से आमरण अनशन की चेतावनी
बरेली। यूपी एजुकेशनल मिनिस्ट्रीयल ऑफिसर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष भूपेंद्र पाल सिंह ने संयुक्त शिक्षा निदेशक को पत्र लिखकर कनिष्ठ सहायकों की लंबित ज्येष्ठता सूची को लेकर गहरा रोष व्यक्त किया है। उन्होंने इस मुद्दे को कर्मचारियों के हितों से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण विषय बताते हुए तत्काल समाधान की मांग की है।पत्र में उल्लेख किया गया है कि अपर शिक्षा निदेशक (बेसिक) द्वारा पहले ही स्पष्ट निर्देश जारी किए जा चुके हैं कि कनिष्ठ सहायकों की ज्येष्ठता सूची को अद्यतन कर शीघ्र जारी किया जाए। इसके बावजूद मण्डल स्तर पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे कर्मचारियों में निराशा और असंतोष का माहौल बना हुआ है।जिलाध्यक्ष भूपेंद्र पाल सिंह ने बताया कि इस संबंध में विभागीय अधिकारियों को कई बार मौखिक और लिखित रूप से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन हर बार आश्वासन ही मिला, वास्तविक कार्यवाही नहीं हुई। उन्होंने कहा कि यह स्थिति प्रशासनिक उदासीनता और लापरवाही को दर्शाती है, जो कर्मचारियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ के समान है।उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ज्येष्ठता सूची जारी न होने के कारण कनिष्ठ सहायकों को समय पर पदोन्नति नहीं मिल पा रही है। इसके साथ ही अन्य सेवा संबंधी लाभ, जैसे वेतनमान में वृद्धि, पदस्थापन और विभागीय अवसरों का लाभ भी प्रभावित हो रहा है। इससे कर्मचारियों का मनोबल गिर रहा है और विभागीय कार्यप्रणाली पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।संगठन के अनुसार, यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो कर्मचारियों में असंतोष और अधिक बढ़ सकता है, जिससे कार्य प्रभावित होने की आशंका है। यही कारण है कि संगठन अब इस मुद्दे को लेकर सख्त रुख अपनाने के लिए बाध्य हो रहा है।भूपेंद्र पाल सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि तीन दिन के भीतर ज्येष्ठता सूची जारी नहीं की जाती है, तो वह 16 अप्रैल से संयुक्त शिक्षा निदेशक कार्यालय पर आमरण अनशन शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि यह कदम कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए उठाया जा रहा है और इसके लिए संगठन पूरी तरह से तैयार है।उन्होंने आगे कहा कि यदि अनशन की स्थिति उत्पन्न होती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों और कार्यालय की होगी, जिन्होंने समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया।संगठन ने प्रशासन से अपील की है कि इस गंभीर विषय को प्राथमिकता के आधार पर लेते हुए जल्द से जल्द ज्येष्ठता सूची जारी की जाए, ताकि कर्मचारियों में व्याप्त असंतोष समाप्त हो सके और विभागीय कार्य सुचारू रूप से संचालित हो।














































































