बरेली। खानकाहे शाहजी रफीकुल औलिया मोहम्मदिया कादरिया रफीकिया मुनीरिया में हजरत अलहाज अश्शाह शाहजी रफीकुल औलिया (र.अ.) का 16 वां सालाना तीन रोज़ा उर्स 2 अप्रैल से शुरू होगा। उर्स का आगाज गुरुवार को नमाज-ए-फज्र के बाद कुरानख्वानी से किया जाएगा। उर्स के पहले दिन 2 अप्रैल को असर के बाद हजरत सूफी मुनीर मियां मोहम्मदी कादरी (र.अ.) का कुल शरीफ होगा। इसके बाद इशा की नमाज के बाद शाहजी रफीकुल औलिया कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी, जिसमें मौलाना मोहम्मद सलीम कादरी, मौलाना साजिद शेरपुरी सहित कई उलमा शिरकत करेंगे। वहीं कारी यासीन, सैय्यद मो. वसी और सरताज रफीकी जैसे शायर नात पेश करेंगे। 3 अप्रैल (जुमा) को फज्र के बाद कुरानख्वानी के उपरांत सुबह 9:40 बजे हजरत शाहजी रफीकुल औलिया का विसाली कुल होगा। रात में इशा के बाद अजीमुश्शान नातिया मुशायरा आयोजित किया जाएगा, जिसकी निजामत हिलाल बदायूनी करेंगे। मुशायरे का मिसरा तराह “तेरी हम पर इनायत है रफीकुल औलिया बेशक” रखा गया है। उर्स के अंतिम दिन 4 अप्रैल को फज्र के बाद कुरानख्वानी और जोहर के बाद आखिरी महफिल का आगाज होगा। कुल शरीफ में मुफ्ती अतीक कादरी पीलीभीती, सैय्यद असलम मियां, कारी आताउर्रहमान कादरी सहित कई उलमा शिरकत करेंगे। शाम 4:15 बजे आखिरी कुल शरीफ अकीदत के साथ मनाया जाएगा। उर्स की सरपरस्ती सज्जादानशीन मोहिब मियां रफीकी कादरी मोहम्मदी करेंगे, जबकि नायब सज्जादा फय्यूख अहमद भी मौजूद रहेंगे। इस दौरान लंगर-ए-आम का भी इंतजाम किया गया है।