बरेली। सिविल लाइन स्थित मस्जिद नोमहला शरीफ़ दरगाह नासिर मियाँ रहमतुल्लाह अलेह पर बाद नमाज़े असर यौम-ए-रज़ा की महफिल सजाई गई।आला हज़रत इमाम अहमद रज़ा खान बरेलवी (रहमतुल्लाह अलैह) की यौम-ए-विलादत (जन्मदिन) के उपलक्ष्य में यौम-ए-रज़ा बड़े उत्साह और अक़ीदतमन्दी के साथ मनाया गया।इस अवसर पर बरेली के दरगाह में खास इज्तिमा, महफिल-ए-मिलाद, नात ए पाक की महफिल हुई। मस्जिद नोमहला शरीफ के नायब इमाम मौलाना हसन रज़ा पुर्नवी ने दुआ-ए-खैर में देश और आवाम की खुशहाली, तरक़्क़ी, कामयाबी,सलामती, अमन चैन भाईचारे,बीमारों के शिफा के लिये ख़ुसूसी दुआ की गई।इस मौके पर बरेली हज सेवा समिति के पम्मी ख़ाँ वारसी ने कहा कि आला हज़रत इल्म की रौशनी है उनके ज्ञान के पैग़ाम ने समाज को जागरूक किया।हम सबको आला हज़रत के रास्ते पर चलते हुए इल्म हासिल करना चाहिए,इल्म से ही कामयाब और कामयाबी मिलेगी। दरगाह खादिम सूफी वसीम मियाँ साबरी नासरी,पम्मी ख़ाँ वारसी, मस्जिद नोमहला शरीफ के नायब इमाम मौलाना हसन रज़ा पुर्नवी,रिज़वान मियाँ नन्ना मियाँ,झारखंड के मोहम्मद मुनाजिर आलम मरकाजी,दालकोला बंगाल के मोहम्मद राहील नूरी,दालकोला बंगाल के शहर यार अशरफी,दालकोला बंगाल के मोहम्मद तौसीफ राजा,सिवान के मोहम्मद ओवैस रजा,पूर्णिया बिहार के मोहम्मद रजा आदि शामिल रहे।सलातो सलाम का नज़राना पेश किया गया।