बदायूँ में श्रीरामनवमी शोभायात्रा आकर्षक झांकियों के साथ निकाली,जगह-जगह भव्य स्वागत
बदायूँ। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव रामनवमी के पावन अवसर पर श्री सनातन धर्म सभा के तत्वावधान में शहर में भव्य एवं आकर्षक शोभायात्रा निकाली गई। जय श्रीराम के गगनभेदी नारों, फूलों की वर्षा और श्रद्धालुओं के उत्साह ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

शोभायात्रा सालों से श्री रघुनाथ (पंजाबी) मंदिर से निकल रही है। आज इसकीं विधिवत शुरुआत बिरुआ बाडी मन्दिर से हुई। श्री रघुनाथ मन्दिर औऱ बिरुआबाड़ी मन्दिर में सुबह से ही भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। सबसे आगे सनातन धर्म का ध्वज लहराता रहा, जबकि सबसे पीछे भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी का सुसज्जित दरबार श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना रहा। श्रद्धालु जय श्रीराम के जयकारों के साथ शोभायात्रा में शामिल होते चले गए।

विरुआ मंदिर से प्रारंभ होकर शोभायात्रा टिकटगंज, बड़ा बाजार, नेहरू चौक होते हुए लावेला चौक तक पहुंची। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया। कई स्थानों पर बिस्कुट, चना, हलुवा, जलजीरा आदि का वितरण कर सेवा भाव का परिचय दिया गया।

झांकियां और काली के अखाड़े बने आकर्षण का केंद्र
शोभायात्रा में शामिल सजीव एवं आकर्षक झांकियों ने सभी का मन मोह लिया। भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंगों का सजीव चित्रण श्रद्धालुओं को भाव-विभोर करता रहा। वहीं काली के अखाड़ों द्वारा किए गए पारंपरिक करतबों और युद्धकला के प्रदर्शन ने लोगों को रोमांचित कर दिया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने इनका आनंद लिया।
शहर के बैंडबाजों के साथ-साथ चंदौसी, बिसौली, एटा और पीलीभीत जैसे विभिन्न स्थानों से आई झांकियों और कलाकारों ने शोभायात्रा को और भव्य बना दिया। बैंड की धुनों और भक्ति गीतों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए, जिससे पूरा माहौल उत्साह और भक्ति से भर गया।
लावेला चौक पर ब्राह्मण सभा द्वारा फूलों की वर्षा कर शोभायात्रा का भव्य स्वागत किया गया। यहां भगवान श्रीराम की आरती उतारी गई। भक्ति जागरण समाज सेवा सोसायटी, उद्योग व्यापार मंडल, आईपीएस केवल खुराना स्मृति मंच और गुरु नानक सत्संग समिति सहित विभिन्न संगठनों ने जगह-जगह स्वागत कर जलपान एवं प्रसाद की व्यवस्था की।
पुलिस प्रशासन की मुस्तैदी से शांतिपूर्ण संपन्न हुआ आयोजन
शोभायात्रा के सफल संचालन में पुलिस प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर पुलिस पूरी तरह सक्रिय रही, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
श्री सनातन धर्म सभा के पदाधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार के आयोजनों का उद्देश्य समाज में धार्मिक चेतना को जागृत करना और आपसी भाईचारे को मजबूत करना है। रामनवमी पर निकली यह शोभायात्रा न केवल आस्था का प्रतीक बनी, बल्कि सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का भी संदेश दे गई














































































