नगर निगम बनता जा रहा है ‘नरक निगम’ : मिर्जा अशफाक सकलैनी
बरेली । शहर में लगातार सामने आ रही घटनाएं पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मिर्जा अशफाक सकलैनी ने कहा कि नगर निगम की लापरवाही की भयावह तस्वीरे पिछले दो दिनों प्रकाशित दो खबरों ने यह साबित कर दिया है कि शहर के खुले और गहरे नाले अब “मौत के जाल” बन चुके हैं।

पहली खबर के अनुसार, एक युवक मंगलवार रात करीब 9:30 बजे खुले नाले में गिर गया। 29 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बावजूद उसे समय पर नहीं बचाया जा सका। सवाल यह उठता है कि अगर नाले को सही तरीके से ढका गया होता या वहां चेतावनी संकेत होते, तो क्या एक जान बचाई जा सकती थी?

दूसरी ओर, शहर के कई इलाकों लल्ला मार्केट रोड, चौपुला पुल, नई बस्ती प्रेमनगर में खुले नालों की भयावह स्थिति सामने आई है। कहीं नालों पर स्लैब नहीं हैं, तो कहीं स्लैब टूटे पड़े हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इन खतरनाक स्थानों के पास न तो कोई संकेत हैं और न ही सुरक्षा के कोई इंतजाम।पूर्व महापौर प्रत्याशी प्रदेश प्रवक्ता गुरु जी डॉ के बी त्रिपाठी ने कहा स्थानीय लोगों का कहना है कि नालों के पास से रोजान हजारों लोग गुजरते हैं जिसमें छोटे बच्चे ,बुजुर्ग लोग ,
स्कूल बच्चे आदि इन्हीं खतरनाक रास्तों से निकलते है कई बार शिकायत करने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती है हर साल नगर निगम की ओर से करोड़ों रुपए मरम्मत के नाम पर खर्च किए जाते हैं ऊपर से स्मार्ट सिटी के नाम पर ऐसा दिखाया जाता है कि कहीं पर कोई समस्या नहीं हैं लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और है ।
जिला उपाध्यक्ष जिया उर रहमान ने कहा कि बरसात से पहले नालों की अधूरी सफाई होती हैं , ढिपो के ढक्कन टूटे या गायब होते है, सडको मे गडडे होते है यह स्थिति साफ दर्शाती है कि प्रशासनिक लापरवाही अब लोगों की जान पर भारी पड़ रही है। और जब कोई बड़ी घटना हो जाती हैं तब नगर निगम जागता है ।
उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो और शहर के सभी खुले नालों को तुरंत ढका जाए, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाएं न हों।














































































