बरेली। किसान एकता संघ ने सोमवार को शहीद दिवस के अवसर पर भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की शहादत को नमन करते हुए भारत-अमेरिका द्विपक्षीय कृषि समझौते का विरोध जताया। संगठन ने इस समझौते को किसान एवं आम जनमानस के हितों के खिलाफ बताते हुए इसे तत्काल रद्द करने की मांग उठाई। इस दौरान किसान एकता संघ के राष्ट्रीय संगठन मंत्री डॉ. रवि नागर के नेतृत्व में राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिला अधिकारी कार्यालय में सौंपा गया। ज्ञापन में कहा गया कि यह कृषि समझौता देश के किसानों के हितों के प्रतिकूल है, इसलिए इसे तुरंत समाप्त किया जाना चाहिए। संगठन ने अपनी प्रमुख मांगों में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गारंटी कानून लागू करने, सरकारी विभागों के निजीकरण पर रोक लगाने, बिजली अधिनियम 2025 और बीज अधिनियम 2025 को निरस्त करने तथा किसानों के पूर्ण कर्ज माफ करने की मांग शामिल की है। किसान एकता संघ ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो संगठन किसान और जनहित में व्यापक आंदोलन करने को बाध्य होगी । प्रदर्शन करने वालों में डॉक्टर हरिओम राठौर , ममता मौर्य , मीना सिंह , मोहिनी मौर्य ,विजय मौर्य , प्रकाश गंगवार , पप्पू गुर्जर , घनश्याम गुर्जर , भगवान दास , चंद्रपाल, लखपत सिंह यादव , अवधेश गुर्जर , लाला राम गुर्जर , नरेश आदि मौजूद रहे।