नारी शक्ति, समाज की शक्ति: मिशन शक्ति 5.0 के तहत जागरूकता बाइक रैली
बरेली। उत्तर प्रदेश सरकार के मिशन शक्ति 5.0 (द्वितीय चरण) के अंतर्गत महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जनपद बरेली में भव्य जागरूकता बाइक रैली का आयोजन किया गया।
रैली को अपर पुलिस महानिदेशक, बरेली जोन रमित शर्मा, पुलिस उपमहानिरीक्षक अजय कुमार साहनी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने रिजर्व पुलिस लाइन से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी, जिससे समाज के विभिन्न वर्गों तक महिला सशक्तिकरण का संदेश पहुंचाया गया।
रैली में महिला पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी, समाजसेवी और बड़ी संख्या में आम नागरिक शामिल हुए। इस दौरान पुलिस अधीक्षक नगर मानुष पारीक, अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी मुकेश चंद्र मिश्र, अपर पुलिस अधीक्षक यातायात मोहम्मद अकमल खान, सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी लाइंस शिवम आशुतोष, क्षेत्राधिकारी नगर प्रथम आशुतोष शिवम, क्षेत्राधिकारी नगर तृतीय पंकज श्रीवास्तव एवं सहायक पुलिस अधीक्षक अंजना दहिया ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई।
अपर पुलिस महानिदेशक रमित शर्मा ने कहा कि “मिशन शक्ति केवल एक अभियान नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता का व्यापक आंदोलन है, जिसका उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षित, सम्मानित एवं आत्मनिर्भर बनाना है।”
पुलिस विभाग द्वारा महिलाओं के विरुद्ध अपराधों पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है। आमजन से अपील की गई है कि किसी भी आपात स्थिति में वूमेन पावर लाइन 1090, इमरजेंसी सेवा 112, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076, साइबर हेल्पलाइन 1930, महिला हेल्पलाइन 181, एम्बुलेंस सेवा 102/108 एवं फायर सेवा 101 का उपयोग करें।
जनपद के सभी थानों पर मिशन शक्ति डेस्क स्थापित किए गए हैं, जहां महिला पुलिसकर्मी पीड़िताओं को सम्मानजनक व्यवहार के साथ त्वरित सहायता प्रदान कर रही हैं। महिला बीट अधिकारी, एंटी रोमियो टीम एवं महिला सुरक्षा दल द्वारा ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। साथ ही महिलाओं और बालिकाओं को साइबर सुरक्षा, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव के बारे में भी प्रशिक्षित किया जा रहा है।
आगामी दिनों में मिशन शक्ति 5.0 के तहत नुक्कड़ नाटक, संवाद गोष्ठियां और अन्य जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण को और अधिक मजबूत किया जा सके।














































































