पीलीभीत/बरेली। सड़कों पर बने जानलेवा गड्ढे आमतौर पर हादसों की वजह बनते हैं, लेकिन इस बार एक गड्ढा किसी के लिए जीवनदाता साबित हो गया। पीलीभीत की रहने वाली एक महिला, जिसे डॉक्टरों ने ब्रेन डेड घोषित कर दिया था, एंबुलेंस के गड्ढे में गिरने से हुए झटके के बाद अचानक सांस लेने लगी। इस घटना को परिवार वाले किसी चमत्कार से कम नहीं मान रहे हैं।जानकारी के अनुसार पीलीभीत शहर की रहने वाली विनीता शुक्ला की 22 फरवरी को अचानक तबीयत बिगड़ गई। हालत गंभीर होने पर परिजन उन्हें आधी रात के बाद 23 फरवरी को बरेली के एक निजी अस्पताल में लेकर पहुंचे। वहां दो दिन तक इलाज चलने के बाद डॉक्टरों ने विनीता शुक्ला को ब्रेन डेड घोषित कर दिया और उन्हें घर ले जाने की सलाह दे दी।डॉक्टरों की इस घोषणा के बाद परिजन विनीता को एंबुलेंस से वापस पीलीभीत लेकर जा रहे थे। उधर घर पर रिश्तेदार और जानने वाले अंतिम दर्शन के लिए जुटने लगे थे। इसी बीच बरेली-पीलीभीत रोड पर एंबुलेंस का एक पहिया सड़क के गहरे गड्ढे में गिर गया, जिससे एंबुलेंस को जोर का झटका लगा।परिजनों का कहना है कि इस झटके के बाद अचानक विनीता शुक्ला की सांसें चलने लगीं। यह देखकर एंबुलेंस में मौजूद परिजन हैरान रह गए। तुरंत ही एंबुलेंस को वापस मोड़कर विनीता को पीलीभीत के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि विनीता शुक्ला की हालत स्थिर है और वह अब स्वस्थ हैं। इसके बाद परिजन उन्हें घर ले आए, जहां वह इस समय अपने परिवार के बीच हैं।वहीं इस पूरे मामले में जब विनीता शुक्ला का इलाज करने वाले डॉक्टर से बातचीत करने की कोशिश की गई तो उन्होंने कैमरे पर कुछ भी कहने से साफ इनकार कर दिया।