सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी वैक्सीनेशन जरूरी: मुख्य चिकित्सा अधिकारी
बरेली। सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से किशोरियों को सुरक्षित रखने के लिए बरेली सहित पूरे प्रदेश में ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) टीकाकरण अभियान शुरू किया जा रहा है। यह विशेष अभियान अगले तीन माह तक जिले के 27 कोल्ड चेन पॉइंट पर संचालित होगा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विश्राम सिंह ने बताया कि सर्वाइकल कैंसर भारत में महिलाओं में होने वाला दूसरा प्रमुख कैंसर है और एचपीवी वैक्सीन के माध्यम से इससे बचाव संभव है। इसलिए किशोरियों के लिए एचपीवी टीकाकरण बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि इस अभियान का औपचारिक उद्घाटन प्रधानमंत्री द्वारा पहले ही किया जा चुका है।
जिले में दो मेडिकल कॉलेज, जिला महिला अस्पताल, आठ नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (यूपीएचसी) और 16 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) पर टीकाकरण की सुविधा उपलब्ध रहेगी। अभियान के पहले तीन माह तक सप्ताह के सभी कार्यदिवसों में सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक टीकाकरण किया जाएगा। इसके बाद नियमित टीकाकरण के तहत बुधवार और शनिवार को टीका लगाया जाएगा।
सीएमओ ने बताया कि जिला स्तरीय प्रशिक्षण और जिला महिला अस्पताल के स्टाफ का प्रशिक्षण पूरा हो चुका है, जबकि नगरीय और ब्लॉक स्तरीय स्वास्थ्यकर्मियों का प्रशिक्षण आज से शुरू किया जा रहा है। अभियान के तहत किशोरियों को गार्डसिल की सिंगल डोज वैक्सीन दी जाएगी, जो एचपीवी के चार प्रकार के स्ट्रेन 06, 11, 16 और 18 पर प्रभावी है। शासन की ओर से जिले को 13,830 डोज गार्डसिल वैक्सीन उपलब्ध कराई गई है।
अभियान में उन किशोरियों को शामिल किया जाएगा जिन्होंने अपना 14वां जन्मदिन मना लिया है लेकिन अभी 15 वर्ष की आयु पूरी नहीं की है। जिले में करीब 50 हजार किशोरियों के टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है, जो कुल जनसंख्या का लगभग एक प्रतिशत है।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. प्रशांत रंजन ने बताया कि एचपीवी वैक्सीन अब तक 165 देशों में लगभग 50 करोड़ लोगों को दी जा चुकी है। टीकाकरण पूरी तरह स्वैच्छिक होगा और इसके लिए माता-पिता या अभिभावक की सहमति आवश्यक होगी। अभिभावक यू-विन पोर्टल पर पंजीकरण कर डिजिटल सहमति दे सकते हैं, जबकि इंटरनेट की सुविधा न होने पर लिखित सहमति ली जाएगी।
उन्होंने बताया कि टीकाकरण के लिए आयु सत्यापन हेतु पहचान पत्र जरूरी होगा और प्रमाणपत्र यू-विन पोर्टल से डाउनलोड किया जा सकेगा। टीका खाली पेट नहीं लगाया जाएगा। टीकाकरण एएनएम, स्टाफ नर्स या लेडी हेल्थ विजिटर द्वारा किया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार एचपीवी टीकाकरण पूरी तरह सुरक्षित है। टीका लगने के बाद यदि बुखार, सिरदर्द, मतली या चक्कर जैसे हल्के लक्षण हों तो पैरासिटामॉल दी जा सकती है और पर्याप्त तरल पदार्थ लेने की सलाह दी जाती है। इंजेक्शन वाली जगह पर दर्द, सूजन या लालिमा होने पर बर्फ से सिकाई करने की सलाह दी गई है।













































































