अनाथालय के बच्चों के संग राष्ट्र जागरण ने बांटी होली की खुशियां
बरेली। राष्ट्र जागरण ट्रस्ट एवं सर्वजन समाज सहयोग समिति द्वारा संचालित राष्ट्र जागरण युवा संगठन ने इस वर्ष भी अपनी सामाजिक परंपरा को निभाते हुए आर्य समाज अनाथालय में होली उत्सव बड़े ही हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया। रंगों के इस पावन पर्व पर संगठन के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने अनाथालय के बच्चों के बीच पहुंचकर उनके साथ त्योहार की खुशियां साझा कीं और उन्हें अपनत्व का एहसास कराया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज के उन बच्चों के चेहरे पर मुस्कान लाना था, जो परिवार के स्नेह से दूर रह रहे हैं। संगठन के सदस्यों ने बच्चों को मिष्ठान, गुजिया एवं प्राकृतिक रंगों का वितरण किया। बच्चों ने भी पूरे उत्साह और उमंग के साथ होली खेली। रंगों से सराबोर वातावरण में जब बच्चों की खिलखिलाहट गूंजी तो पूरा परिसर उत्सवमय हो उठा।
इस अवसर पर उपस्थित पदाधिकारियों ने कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि प्रेम, भाईचारे और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। ऐसे कार्यक्रम समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और जरूरतमंदों के प्रति संवेदनशीलता को मजबूत बनाते हैं। बच्चों ने अतिथियों के साथ मिलकर होली गीतों पर आनंद लिया और सामूहिक रूप से उत्सव मनाया।
कार्यक्रम में संस्थापक एवं चेयरमैन सौरभ शर्मा, राष्ट्रीय सचिव अमित शर्मा ‘संजू भैया’, विधि सलाहकार पंकज मिश्रा (एडवोकेट), गिरीश कपूर, जिला अध्यक्ष प्रियंका कपूर, सुमन भाटिया, सुषमा गौतम, अनीता गुप्ता, हिना भोजवानी, दीपू कश्यप, महानगर अध्यक्ष पंकज सिंह, चिकित्सा प्रभारी विमल भारद्वाज, जिला प्रभारी आकाश सक्सैना, वीर सक्सेना, व्यापार मंडल संगठन मंत्री अमित मिश्रा,संजू भाटिया , हृदयनारायण, शिवम गुप्ता, किरण तिवारी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
सभी पदाधिकारियों ने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और आश्वस्त किया कि राष्ट्र जागरण युवा संगठन आगे भी शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यक्रमों का आयोजन करता रहेगा। कार्यक्रम के अंत में सभी ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं।
इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि यदि समाज का हर वर्ग मिलकर आगे आए, तो किसी भी जरूरतमंद को त्योहारों की खुशियों से वंचित नहीं रहना पड़ेगा। राष्ट्र जागरण का यह प्रयास न केवल सराहनीय रहा, बल्कि सामाजिक एकता और मानवीय मूल्यों को सशक्त करने की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल भी साबित हुआ।













































































