जीवनधारा संस्थान के विशेष बच्चों ने रंगारंग होली मेले में बिखेरे रंग
बरेली। जीवनधारा पुनर्वास एवं शोध संस्थान की द्वितीय शाखा, आंकाक्षा इन्कलेव, डेलापीर, पीलीभीत रोड स्थित परिसर में विशेष बच्चों द्वारा रंगारंग “होली मेले” का आयोजन किया गया। मेले में बच्चों ने न केवल उत्साहपूर्वक होली खेली, बल्कि अपने हुनर और व्यावसायिक कौशल का भी शानदार प्रदर्शन किया।
मेले में संस्थान के विशेष बच्चों द्वारा विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थ तैयार किए गए। इनमें चिप्स, पापड़, कचरी, नींबू, मिर्च, कटहल और मिक्स वेज का अचार, मैदा व बेसन से बने व्यंजन प्रमुख रहे। इसके साथ ही बच्चों ने टाई-एंड-डाई तकनीक से रंग-बिरंगे दुपट्टे तैयार किए तथा जूट से बने आकर्षक सजावटी और उपयोगी सामान भी प्रदर्शित किए। मेले में फन गेम्स, गोलगप्पे और पॉपकॉर्न का भी आनंद लिया गया, जिससे पूरा वातावरण उत्साह और उमंग से भर उठा।
कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. अमिताव मिश्रा, निदेशिका शाश्वती नंदा एवं विशेष बच्चों द्वारा संयुक्त रूप से फीता काटकर किया गया। इस अवसर पर संस्थान के विशेष बच्चे, उनके अभिभावक, शिक्षक एवं कर्मचारीगण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
निदेशिका शाश्वती नंदा ने बताया कि ऐसे आयोजनों का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग बच्चों में व्यावसायिक एवं दैनिक जीवन कौशलों का विकास करना है। उन्होंने कहा कि त्योहारों के माध्यम से बच्चों को खाद्य पदार्थ बनाना, खरीद-फरोख्त की प्रक्रिया समझना और समाज की मुख्यधारा से जुड़ना सिखाया जाता है।
संस्थान के अध्यक्ष प्रो. डॉ. अमिताव मिश्रा ने बच्चों द्वारा बनाए गए उत्पादों की सराहना करते हुए विशेष शिक्षकों सोनल भाटिया, हेमा चौहान, रूखसार खान, ममता दिवाकर, सोनम पांडेय, भार्गवी वत्स, नाजिया इरफान, फारिया खानम, काजल यादव, अनुज प्रताप सिंह तथा प्रशासक हर्ष चौहान, समन्वयक सिकन कुमार सामन्तराय, अभिनव कुमार और अर्शी मिर्जा की मेहनत की प्रशंसा की।
इस अवसर पर डिप्लोमा विशेष शिक्षा (आईडीडी एवं एचआई) के छात्र-छात्राओं एवं अन्य गणमान्य लोगों ने भी बच्चों का उत्साहवर्धन किया। मेले ने बच्चों के आत्मविश्वास और रचनात्मकता को नई उड़ान दी।













































































