रमज़ान का एहतराम करे, खाने और चाय के होटलों को बंद रखे, बिजली पानी की अच्छी व्यवस्था की जाये, लाउडस्पीकर का सीमित इस्तेमाल करें मस्जिद के इमाम।
बरेली। आल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी ने रमज़ान से सम्बंधित प्रेस को जारी किए गए बयान मे कहा कि मैं तमाम देश वासियों को मुबारकबाद पेश करता हूं, इस्लाम धर्म मे रमज़ान का महीना बहुत पवित्र है, पूरे महीने मे खुदा ने 30 रोज़े रखने का हुक्म दिया, और 20 रकात नमाज़ तरावीह पढ़ने का भी हुक्म दिया है, और साथ ही पूरा कुरान शरीफ़ पढ़कर बहुत बड़े सवाब का भी वादा किया है, इस महीने मे की गयी एक नेकी का सवाब दस गुना बढ़कर मिलता है। इसीलिए मुसलमानो को चाहिए कि इस महीने का सम्मान व एहतराम के साथ 30 रोज़े मुकम्मल करें और इस्लाम की बतायी हुई तमाम बातों पर अमल करे, ताकि गुनाह से बचे रहे।
मौलाना ने कहा कि तमाम मुसलमान जो खाने पीने और चाय आदि चीजों का कारोबार करते हैं वो दिन मे बंद रखे, इफ्तार के समय से लेकर देर रात तक व्यवस्था करे, इससे रोजो का सम्मान बना रहे। देखा यह जाता है कि बाज़ मुस्लिम क्षेत्रों मे दिन मे भी खाने पीने के होटल खुले रहते हैं, जिससे रोज़े की पवित्रता भंग होती है। इसलिए की रमज़ान का महीना साल भर मे एक बार आता है, उसका अगर अपने हाथो मज़ाक बनाया जायेगा तो फिर उसकी पवित्रता भंग होगी।
मौलाना ने मस्जिद के इमामो से अपील करते हुए कहा कि सहरी का सिर्फ समय बताये की कब सहरी का वक्त खत्म हो रहा है और नमाज़ और दुआं के में बारे बताये अनावश्यक तौर पर लाउडस्पीकर का इस्तेमाल बहुत ज्यादा न करें। इसलिए की इस वक्त हाईस्कूल और इंटर के एग्जाम चल रहें हैं, बच्चे रात व दिन मेहनत में लगे रहते हैं, सभी लोगों की भावनाओं का ख्याल रखना जरूरी है। बाज़ मस्जिद के इमाम हज़रात कैसीट लगा देते हैं, वो कैसीट घंटो बजती रहती है।
मौलाना ने आगे कहा कि हुकूमत, नगर निगम, टाऊन एरीया के जिम्मेदारान सफाई सुथराई और बिजली व पानी की व्यवस्था अच्छी रखें ताकि रोजेदारों को कोई परेशानी का सामना न करना पड़े।













































































