बरेली। आम आदमी पार्टी ने काशी के पवित्र मणिकर्णिका घाट पर स्थित प्राचीन एवं पौराणिक मंदिरों के कथित ध्वस्तीकरण को लेकर गहरी नाराज़गी जताई है। पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में आम आदमी पार्टी ने कहा कि मणिकर्णिका घाट पर मंदिरों का तोड़ा जाना केवल ईंट-पत्थरों का नुकसान नहीं है, बल्कि यह करोड़ों श्रद्धालुओं की धार्मिक आस्था, सनातन परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और संविधान द्वारा प्रदत्त धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार पर सीधा आघात है। मणिकर्णिका घाट हिंदू धर्म का अत्यंत पवित्र स्थल है, जहाँ मोक्ष की मान्यता जुड़ी हुई है। ऐसे स्थल पर मंदिरों का ध्वस्तीकरण देशभर के श्रद्धालुओं की भावनाओं को गहरी ठेस पहुँचाने वाला है। पार्टी नेताओं ने कहा कि यह घटना किसी विदेशी आक्रांता या औपनिवेशिक शासन के दौरान नहीं, बल्कि स्वतंत्र भारत में, केंद्र की भाजपा सरकार के कार्यकाल में और स्वयं प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र काशी में हुई है। इसके बावजूद केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से अब तक न तो कोई स्पष्ट जवाब सामने आया है और न ही जिम्मेदारों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई की गई है। आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया कि सरकारों की चुप्पी इस गंभीर घटना को मौन स्वीकृति देने जैसी प्रतीत होती है। पार्टी ने मांग की कि मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, दोषियों को कड़ी सजा दी जाए तथा भविष्य में काशी सहित अन्य पवित्र स्थलों की सुरक्षा के लिए ठोस और प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।