राष्ट्रीय युवा दिवस पर तकनीकी नवाचार विषयक अंतर-महाविद्यालय वाद-विवाद प्रतियोगिता
बरेली। राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर खंडेलवाल कॉलेज, बरेली में “युवाओं के मूल्य विकास में तकनीकी नवाचार : सहायक अथवा बाधक” विषय पर अंतर-महाविद्यालय वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य युवाओं में तकनीकी प्रगति के साथ-साथ नैतिक मूल्यों, सामाजिक जिम्मेदारी एवं मानवीय संवेदनाओं के संतुलित विकास को लेकर विचार-विमर्श को प्रोत्साहित करना था। इस प्रतियोगिता में बरेली जनपद के लगभग 20 प्रतिष्ठित महाविद्यालयों के विद्यार्थियों के साथ-साथ एन.एस.एस. स्वयंसेवकों एवं एन.सी.सी. कैडेट्स ने सहभागिता की। बरेली कॉलेज, राजश्री, इन्वर्टिस, रक्षपाल, लोटस, डायट, ज्योति कॉलेज, ग्लोबल कॉलेज, जमुना प्रसाद मेमोरियल, रानी अवंतीबाई, महात्मा ज्योतिबा फुले रोहिलखंड विश्वविद्यालय एवं के.सी.एम.टी. सहित अनेक महाविद्यालयों के प्रतिभागियों ने प्रतियोगिता में भाग लिया।कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रो.ए.सी. त्रिपाठी, महाविद्यालय के चेयरमैन गिरधर गोपाल, प्रबंध निदेशक डॉ. विनय खंडेलवाल, महानिदेशक डॉ. अमरेश कुमार एवं प्राचार्य डॉ. आर. के. सिंह द्वारा माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं पुष्पार्चन के साथ किया गया।इस अवसर पर महानिदेशक डॉ. अमरेश कुमार ने विभिन्न महाविद्यालयों से आए प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि तकनीकी नवाचार ने युवाओं के लिए ज्ञान, संचार और अवसरों के नए द्वार खोले हैं, किंतु इसके साथ मूल्य-आधारित सोच एवं सामाजिक जिम्मेदारी का होना अत्यंत आवश्यक है।मुख्य अतिथि प्रो. ए.सी. त्रिपाठी ने अपने संबोधन में कहा कि यदि तकनीकी नवाचारों का प्रयोग सही दिशा एवं उचित मर्यादाओं में किया जाए, तो वे युवाओं के मूल्य विकास में सहायक सिद्ध होते हैं, परंतु विवेकहीन एवं अनियंत्रित उपयोग युवाओं को सामाजिक और नैतिक रूप से कमजोर भी बना सकता है।इसके पश्चात वाद-विवाद प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने विषय के पक्ष एवं विपक्ष में अपने विचार तर्कपूर्ण, तथ्यात्मक एवं प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किए, जिससे सभागार में बौद्धिक विमर्श का वातावरण बना रहा।प्रतिभागियों के वक्तव्यों के उपरांत महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आर. के. सिंह ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आज के डिजिटल युग में तकनीकी नवाचार युवाओं के जीवन का अभिन्न अंग बन चुके हैं, किंतु उनका उद्देश्य केवल सुविधा एवं त्वरित सफलता तक सीमित नहीं होना चायहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं को तकनीक का प्रयोग करते समय नैतिक मूल्यों, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं मानवीय संवेदनाओं को सदैव प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि तकनीकी साधन तभी सार्थक सिद्ध होते हैं जब वे समाज के कल्याण, राष्ट्र निर्माण और सकारात्मक परिवर्तन में सहायक हों। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे तकनीक को केवल उपभोग का साधन न बनाकर, उसे रचनात्मकता, नवाचार एवं समाजोपयोगी कार्यों के लिए अपनाएँ, जिससे एक संवेदनशील एवं मूल्यनिष्ठ पीढ़ी का निर्माण हो सके।निर्णायक मंडल के सदस्य श्री अनूप अग्रवाल ने कहा कि तकनीक स्वयं दोषी नहीं होती, बल्कि उसके उपयोग में मानवीय संवेदनाओं की उपेक्षा ही समस्याओं का कारण बनती है। प्रतियोगिता के लिए गठित निर्णायक मंडल में श्री अनूप अग्रवाल, मणि मिश्रा एवं श्री हरपाल सम्मिलित रहे।निर्णायक मंडल द्वारा घोषित परिणामों के अनुसार प्रथम स्थान पक्ष में केसीएमटी के अभय एवं विपक्ष में रोहिलखंड विश्विद्यालय से दीपांशु दीप को प्राप्त हुआ।द्वितीय स्थान रोहिलखंड विश्विद्यालय से लवी सिंह एवं डायट से यशी शर्मा को मिला।तृतीय स्थान लोटस इंस्टिट्यूट से स्वीकृति रस्तोगी एवं इनवर्टेज यूनिवर्सिटी से कश्मीरा यादव ने प्राप्त किया।इसके अतिरिक्त सांत्वना पुरस्कार ज्योति कॉलेज से शिवानी शर्मा, रक्षपाल से आकांक्षा, बरेली कॉलेज से राधिका, राजश्री से सिम्मी,जेपीएम से रश्मि व रानी अवन्तिवाई से कविता को प्रदान किए गए। सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।कार्यक्रम का कुशल संचालन मुस्कान यादव एवं दीक्षा द्वारा किया गया तथा अंत में धन्यवाद ज्ञापन डॉ. शिव स्वरूप शर्मा द्वारा प्रस्तुत किया गया। इस आयोजन को सफल बनाने में डॉ. कल्पना, एन.एस.एस. अधिकारी डॉ. सविता सक्सेना, एन.सी.सी. अधिकारी ले. रचना, दिया ओली,एवं रितेश गुप्ता का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम में विभिन्न महाविद्यालयों से आए प्रवक्तागण भी उपस्थित रहे।खंडेलवाल कॉलेज द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम राष्ट्रीय युवा दिवस की भावना के अनुरूप युवाओं को जिम्मेदार, संवेदनशील एवं मूल्यनिष्ठ नागरिक बनाने की दिशा में एक सार्थक एवं प्रेरणादायक प्रयास सिद्ध हुआ।













































































