एसआईआर और मनरेगा पर कांग्रेस की संयुक्त बैठक, भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप
बरेली। जिला एवं महानगर कांग्रेस कमेटी की संयुक्त बैठक पशुपतिनाथ मंडल कार्यालय पर एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) और मनरेगा को लेकर आयोजित की गई। बैठक में कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोला और लोकतंत्र व गरीबों के अधिकारों पर खतरे का आरोप लगाया। बैठक को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष असफाक सकलेनी ने एसआईआर प्रक्रिया में गंभीर खामियां बताते हुए कहा कि जिस तरह से यह कार्य किया जा रहा है, उससे देश और प्रदेश के लाखों मतदाता मतदाता सूची से बाहर हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी किसी भी नागरिक को उसके मताधिकार से वंचित नहीं होने देगी और सरकार को इसके लिए पर्याप्त व व्यावहारिक समय देना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि अकेले उत्तर प्रदेश में ही करोड़ों लोग वोट बनवाने से वंचित रह गए हैं, जो लोकतंत्र के लिए बेहद चिंताजनक है। महानगर कांग्रेस अध्यक्ष दिनेश दद्दा ने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा मनरेगा योजना के नाम में बदलाव कर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का अपमान किया जा रहा है। उन्होंने मांग की कि मनरेगा को शहरी क्षेत्रों में भी लागू किया जाए और इसे पूरी पारदर्शिता व प्रभावशीलता के साथ चलाया जाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस मनरेगा की रक्षा और विस्तार के लिए संघर्ष जारी रखेगी। डॉ. मेहंदी हसन ने कहा कि भाजपा सरकार जनता की उम्मीदों पर पूरी तरह विफल रही है और लोगों का इस सरकार से मोहभंग हो चुका है। उन्होंने धर्म के नाम पर समाज को बांटने की राजनीति को देश के लिए खतरनाक बताया।
बैठक का संचालन कांग्रेस प्रवक्ता पंडित राज शर्मा ने किया। इस अवसर पर पूर्व महानगर अध्यक्ष क़ासिम कश्मीरी, देवेंद्र श्रीवास्तव, डॉ. आरिफ नूरी, राफिया सबनम, कौशर अली, डॉ. सलीम हुसैन, इकरार अंसारी, सुरेश वाल्मीकि, मोहम्मद आरिफ, रोहन शर्मा, साजिद खान, वैभव भारद्वाज, नावेद अहमद, असजद नफीस, राकेश साहू, ज़ीशान अहमद, इक़बाल रज़ा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।













































































