आचमन एवं उत्तर प्रदेश साहित्य सभा की ओर से हिंदी दिवस पर काव्य गोष्ठी हुई
बदायूं। आचमन एवं उत्तर प्रदेश साहित्य सभा बदायूं इकाई द्वारा हिन्दी दिवस पर डॉ सर्वेश अस्थाना की विशिष्ट उपस्थिति में रचनाकार – सम्मिलन एवं काव्य गोष्ठी का आयोजन । आचमन एवं उत्तर प्रदेश साहित्य सभा बदायूं इकाई द्वारा हिन्दी दिवस पर डॉ सर्वेश अस्थाना की विशिष्ट उपस्थिति में रचनाकार – सम्मिलन एवं काव्य गोष्ठी का आयोजन डॉत सोनरुपा विशाल के आवास नमन पर आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ लखनऊ से आये हास्य व्यंग्य के सुप्रसिद्ध कवि डॉ.सर्वेश अस्थाना के करकमलों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर एवं समस्त अतिथियों द्वारा पुष्षार्पण कर किया गया। सरस्वती वंदना प्रस्तुत करते हुए डॉ शुभ्रा माहेश्वरी ने कहा मां शारदे कलम को मेरी तलवार कर दे, नवचेतना की मां इसमें धार भर दे।।चले सत्यता के लिए सदा , कलम में मेरी ऐसा संचार कर दे।
कवि कुमार आशीष – इक उम्र अपनी गुजार कर यह समझ में आया सवाल क्या है?
मुहब्बतों की गजल में आखिर जमीन क्या है ख्याल क्या है?
हास्य व्यंग्य के कवि प्रवीण अग्रवाल ‘नादान’ ने कहा -क्या हमने कभी सोचा है ये मन में?
किया ही क्या है अपने जीवन में?
गज़लकार भारत शर्मा राज ने कहा- सौ सौ रंग पहन लो तन पे।
सारे फैशन खत्म कफन पे।।
उपदेश शंखधार ने अपने अंदाज में कहा – धन्य है इसकी सरसता
धन्य है इसकी सरलता, जानते ही हैं सभी
है हिन्द का श्रृंगार हिन्दी।।
अखिलेश ठाकुर ने वीर रस की कविता पढ़ते हुए कहा – शत्रु तोप के समक्ष वक्ष को अढ़ाने वाले वीर जवानी ढूंढते नहीं ।
विपाशा ढ़ूढते हैं झांसी वाली रानी ढ़ूढते हैं नहीं।
डॉ अक्षत अशेष ने जोश के साथ कहा – गीत दो आज वातावरण के लिए
एक आवाज दोजो जागरण के लिए
भूमिका और अध्याय है सब वही
कुछ तो बदलो नये संस्करण के लिए।
ममता ठाकुर ने कहा – धर्मवीर भारती ने सूरज का सांतवा घोड़ा दौड़ाया।
भगवतीचरण वर्मा ने हिन्दी को चित्रलिखित सा बताया।। कार्यक्रम के अध्यक्ष सर्व श्री नरेन्द्र गरल ने कहा – आशा थी परिणाम न आये।
पथ में कहीं विराम न आये
हिन्दी ने उपकार किया है
हम हिन्दी के काम न आये।।
हास्य व्यंग्य के सशक्त हस्ताक्षर सर्वेश अस्थाना ने कहा -रिश्तों में तकरार बहुत है
लेकिन इनमें प्यार बहुत है
सारी दुनिया खुश रखने को
बस अपना परिवार बहुत है।।
कार्यक्रम का संचालन श्रीदत्त शर्मा ने किया। अंत में डॉ सोनरुपा विशाल ने सभी का आभार व्यक्त किया।
वो मंजुल शंखधार, डॉ अक्षत अशेष,डॉ निशि अवस्थी,अंजलि शर्मा, डॉ ममता नौगरैया,शारदा बबेजा, ममता ठाकुर, सुषमा भट्टाचार्य,मधु शर्मा ,नितिन , भारतेन्दु, डॉ कमला माहेश्वरी, रवीन्द्र मोहन सक्सेना आदि की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को सक्रियता दी।













































































