गांव-गांव तक जाग रही है किसान चेतना: भाकियू शक्ति मंच
बरेली। ज़िले के गांव कासमपुर घूंसा में रविवार को उस समय ऐतिहासिक माहौल बन गया, जब भारतीय किसान यूनियन शक्ति मंच के जिला अध्यक्ष भूरा खान के निवास पर सम्मान समारोह का आयोजन हुआ। यह केवल एक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि ग्रामीण भारत की किसान चेतना, एकजुटता और संघर्ष की भावना का प्रतीक बनकर सामने आया। देशभर से आए किसान नेता, गांव की मिट्टी को किया प्रणाम दिल्ली, मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, मुरादाबाद, रामपुर, उत्तराखंड, पीलीभीत और बरेली सहित कई ज़िलों से आए किसान नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे का सम्मान करते हुए किसानों की जमीनी समस्याओं पर चर्चा की। महंगाई, बिजली कटौती, फसल बीमा में धांधली, मंडी भ्रष्टाचार और बिचौलियों की मनमानी जैसे मुद्दे प्रमुख रहे।
गांव की गलियों में बिखरी एकता की मिसाल सैकड़ों ग्रामीण, किसान, युवा और महिलाएं इस कार्यक्रम का हिस्सा बने। ग्रामीण महिलाओं ने लोक गीतों से स्वागत किया, वहीं युवाओं ने संगठन के बैनर थामकर नारे लगाए।
“जय जवान, जय किसान”,
“किसान एकता – ज़िंदाबाद”,
“धरती का सीना चीर के, फसल उगाने वाले किसान को सम्मान दो।”
भूरा खान बने किसानों की आवाज़ जिला अध्यक्ष भूरा खान ने कहा कि उनकी ज़िंदगी गांव और किसानों के बीच बीती है। उन्होंने कहा “यह गांव की मिट्टी ही है जो अनाज के साथ क्रांति भी पैदा करती है। अब वक्त आ गया है कि गांव-गांव जाकर किसानों को जोड़ा जाए और लोकतांत्रिक तरीके से सरकार को जवाब दिया जाए।”
‘गांव बचाओ, किसान बचाओ आंदोलन’ का संकल्प
समारोह के अंत में संगठन ने घोषणा की कि जल्द ही “गांव बचाओ, किसान बचाओ” अभियान की शुरुआत होगी। इसके तहत किसानों को उनके अधिकारों, सरकारी योजनाओं की हकीकत और कानूनी जानकारी से जागरूक किया जाएगा। कार्यक्रम में भारतीय किसान यूनियन शक्ति मंच राष्ट्रीय अध्यक्ष मुनेश कुमार , राष्ट्रीय अध्यक्ष महिला मोर्चा करुणा यादव,
दिलशाद चौधरी यूनियन संस्थापक,
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ फिरोज , राष्ट्रीय प्रवक्ता इमरान खान , शाहिनूर , अबरार खान , इमरान अली ,वसीम खान , कठोर रहीस चौधरी , दिनेश यादव , पुष्पेंद्र सिंह , भूरा खान , सोहेल खान किठौर , नसीम खान, हरेंद्र प्रधान , मारू चौधरी , मास्टर जी शोएब घुंघराले , सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।













































































