केसीएमटी में राष्ट्रीय हिंदी दिवस पर सजा विचारों का मंच
बरेली । खंडेलवाल कॉलेज, बरेली में राष्ट्रीय हिंदी दिवस के अवसर पर साक्षरता क्लब द्वारा “भौतिकवादी दौड़ में मानवीय मूल्यों का ह्रास” विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के विभिन्न संकायों से लगभग 56 विद्यार्थियों, एनसीसी कैडेट्स एवं एनएसएस स्वयंसेवकों ने प्रतिभाग किया और पक्ष-विपक्ष में अपने विचार प्रस्तुत किए।कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि समाजसेवी एवं वायु सेवा से सेवानिवृत्त अनूप अग्रवाल, महाविद्यालय के महानिदेशक डॉ. अमरेश कुमार, प्राचार्य डॉ. आर.के. सिंह एवं समस्त प्रवक्ताओं द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया।प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अपने विचार अत्यंत प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किए। पक्ष रखने वाले प्रतिभागियों ने कहा कि भौतिकवादी युग ने हमें सुविधाएँ और विकास तो दिया है, लेकिन यदि मानवीय मूल्यों को संरक्षित नहीं किया गया तो यह विकास अधूरा रहेगा। उन्होंने कहा कि समाज की वास्तविक प्रगति तभी संभव है जब हम सहानुभूति, करुणा, सहयोग और नैतिकता जैसे मूल्यों को अपने जीवन का आधार बनाएं। दूसरी ओर विपक्ष में विद्यार्थियों ने तर्क दिया कि भौतिकता ही आधुनिक युग की आवश्यकता है और इसके बिना जीवन की कल्पना अधूरी है। उनका कहना था कि विज्ञान और तकनीक की प्रगति से ही समाज नई ऊँचाइयों को छू रहा है और इन्हें अपनाना समय की मांग है। विपक्ष ने यह भी स्पष्ट किया कि भौतिक विकास और मानवीय मूल्य दोनों साथ-साथ चल सकते हैं, बस संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता है। इस प्रकार दोनों पक्षों ने अपने-अपने तर्कों और से विषय को और भी जीवंत बना दिया। इस अवसर पर महानिदेशक डॉ. अमरेश कुमार ने कहा कि भौतिकवादी युग को रोकना संभव नहीं है, बल्कि हमें इसे अपने जीवन से जोड़कर मानवीय मूल्यों को और अधिक मजबूत करना होगा। मुख्य अतिथि अनूप अग्रवाल ने संदेश दिया कि भौतिकता को अपने ऊपर हावी न होने दें, सम्मान से ही विकास संभव है। प्राचार्य डॉ. आर.के. सिंह ने कहा कि क्षमताओं के अनुसार कार्य को आत्मसात कर निरंतर प्रगति हेतु अपनी आंतरिक क्षमता को निखारना चाहिए। धन का संचय करो, पर मूल्यों को मत भूलो। निर्णायक मंडल की सदस्य डॉ. कल्पना कटियार ने कहा कि मूल्यों की कमी का मुख्य कारण आत्मकेंद्रित होना है।प्रतियोगिता के परिणामों की घोषणा निर्णायक मंडल द्वारा की गई। विपक्ष पक्ष से ईशा ने प्रथम, सृष्टि शर्मा द,अनुष्का सिंह को तृतीय तथा सोनालिका को सांत्वना पुरस्कार प्राप्त हुआ। वहीं पक्ष से अभय सिंह ने प्रथम, कामाक्षी जैन ने द्वितीय, मृदुल एवं शीतल ने तृतीय तथा अंबिका व आयुषी गंगवार ने सांत्वना पुरस्कार प्राप्त किया।कार्यक्रम का कुशल संचालन एनएसएस अधिकारी साक्षरता क्लब इंचार्ज डॉ. सविता सक्सेना के निर्देशन में हुआ। इसे सफल बनाने में डॉ शिव स्वरूप , ले रचना, व रितेश गुप्ता एवं अन्य सभी प्रवक्ताओं का सराहनीय सहयोग रहा। यह आयोजन विद्यार्थियों में मानवीय मूल्यों के महत्व एवं भौतिकवाद के प्रभाव को समझने का सशक्त मंच सिद्ध हुआ।













































































